ब्रिक्स ने एमएसएमई के लिए आसान वित्त, व्यापार पहुंच का किया समर्थन
ब्रिक्स ने एमएसएमई के लिए आसान वित्त, व्यापार पहुंच का किया समर्थन
नयी दिल्ली, 12 सितंबर (भाषा) ब्रिक्स देशों ने आर्थिक वृद्धि और समृद्धि को बढ़ावा देने में सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) की भूमिका का जिक्र करते हुए उनके अंतरराष्ट्रीयकरण को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता शनिवार को दोहराई।
भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपनाए गए ‘नयी दिल्ली घोषणापत्र’ में समूह ने किफायती वित्त तक पहुंच की कमी को एक प्रमुख बाधा माना, जो व्यापार में एमएसएमई की भागीदारी और वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में उनके एकीकरण को सीमित करती है।
घोषणापत्र में कहा गया, ”हम आर्थिक वृद्धि और समृद्धि के वाहक के रूप में सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के अंतरराष्ट्रीयकरण को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। हम स्वीकार करते हैं कि किफायती वित्त तक पहुंच एक प्राथमिक बाधा और ढांचागत रुकावट बनी हुई है, जिससे व्यापार में एमएसएमई की भागीदारी और वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में उनका एकीकरण सीमित होता है।”
ब्रिक्स देशों ने निर्यात-उन्मुख एमएसएमई के लिए ऋण मूल्यांकन ढांचे के मार्गदर्शक सिद्धांतों का स्वागत किया। इसका मसकद सूचना के अंतर को पाटने, जोखिम मूल्यांकन में सुधार करने और उपेक्षित या वंचित व्यवसायों के लिए औपचारिक वित्त तक पहुंच का विस्तार करने के लिए विविध डेटा स्रोतों का उपयोग करना है।
घोषणापत्र में कहा गया, ”हम निर्यात-उन्मुख एमएसएमई के लिए ऋण मूल्यांकन ढांचे के उन ‘ब्रिक्स मार्गदर्शक सिद्धांतों’ का स्वागत करते हैं, जो सूचना विषमताओं को कम करने, जोखिम मूल्यांकन को बेहतर बनाने और वंचित एमएसएमई के लिए औपचारिक वित्त तक पहुंच का विस्तार करने के लिए विविध एवं प्रासंगिक डेटा स्रोतों का लाभ उठाते हैं।”
समूह ने एमएसएमई के लिए व्यापार वित्त को अधिक सुलभ बनाने को डिजिटल और मंच-आधारित समाधान सहित नवीन वित्तपोषण तंत्रों के महत्व पर भी जोर दिया।
ब्रिक्स ने सदस्य देशों के लिए चालान छूट तंत्र की स्थापना के अध्ययन से जुड़े ‘जयपुर आम सहमति’ का भी स्वागत किया। ऐसा तंत्र एमएसएमई को कार्यशील पूंजी जुटाने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में उनकी भागीदारी को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
घोषणापत्र में कहा गया, ”हम ब्रिक्स सदस्यों के लिए एक चालान छूट तंत्र की स्थापना का अध्ययन करने के संबंध में ‘जयपुर आम सहमति’ का स्वागत करते हैं, जिसका उद्देश्य चालान पर छूट की सुविधा प्रदान करना, एमएसएमई के लिए कार्यशील पूंजी के रास्ते खोलना और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है।”
समूह ने अपने एसएमई कार्य समूह द्वारा की गई पहल को मान्यता दी और आगरा में पहले ब्रिक्स एसएमई फोरम के आयोजन के लिए भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की सराहना की।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

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