नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अगले पांच वर्षों में बायोफार्मा क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा। इस कदम से देश के दवा उद्योग को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
‘बायोफार्मास्युटिकल्स’ या ‘बायोलॉजिक्स’ ऐसे जटिल औषधीय उत्पाद होते हैं, जिन्हें रासायनिक संश्लेषण के बजाय जीवों, कोशिकाओं या ऊतकों से तैयार किया जाता है।
वित्त मंत्री ने विनिर्माण और स्वास्थ्य सेवा समेत छह प्रमुख क्षेत्रों के लिए ठोस पहल करने का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने कहा कि ‘सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ का ध्यान पूर्ण-स्टैक भारतीय आईपी (बौद्धिक संपदा) के लिए डिजाइन किए गए उपकरणों और सामग्रियों के उत्पादन पर होगा।
भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन का एक विशिष्ट और स्वायत्त प्रभाग है। इसका उद्देश्य देश में एक टिकाऊ सेमीकंडक्टर और ‘डिस्प्ले’ पारिस्थितिकी तंत्र का विनिर्माण करना है।
सीतारमण ने ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज समृद्ध राज्यों में महत्वपूर्ण खनिज सुविधाएं स्थापित करने के लिए सहायता देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ सरकार का तीसरा ‘कर्तव्य’ है।
भाषा सुमित अजय
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