दि्ल्ली में बिल्डरों को हरेक परियोजना के लिए शिकायत प्रकोष्ठ बनाने का निर्देश
दि्ल्ली में बिल्डरों को हरेक परियोजना के लिए शिकायत प्रकोष्ठ बनाने का निर्देश
नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) दिल्ली रियल एस्टेट नियामकीय प्राधिकरण (दिल्ली रेरा) ने राष्ट्रीय राजधानी में सक्रिय रियल एस्टेट डेवलपरों एवं बिल्डरों को हरेक परियोजना के लिए ‘आवंटी शिकायक प्रकोष्ठ’ बनाने का निर्देश दिया है।
आवंटियों की शिकायतें दूर करने के लिए बनाए जाने वाले इस प्रकोष्ठ का एक निर्दिष्ट टेलीफोन नंबर होना चाहिए।
इसके अलावा बिल्डरों एवं डेवलपरों को अपनी परियोजनाओं की रेरा पंजीकरण संख्या, पता एवं नाम और इस प्रकोष्ठ के प्रभारी अधिकारी का फोन नंबर के साथ ब्योरा भी हरेक परियोजना के निर्माण स्थल पर प्रदर्शित करना होगा।
दिल्ली रेरा ने राष्ट्रीय राजधानी के सभी बिल्डरों एवं डेवलपरों को 30 सितंबर तक इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। ऐसा करने में नाकामी को रेरा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा जिस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
रियल एस्टेट नियमन एवं विकास अधिनियम (रेरा), 2016 की धारा 61 के तहत अगर किसी रियल एस्टेट फर्म का प्रवर्तक प्रावधानों एवं नियमों का पालन नहीं करता है तो उस पर संबंधित परियोजना की अनुमानित लागत का पांच प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
दिल्ली रेरा के चेयरमैन आनंद कुमार ने इस संबंध में पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि इस प्रकोष्ठ के गठन से निर्माणाधीन परियोजनाओं में घर खरीदने वालों या खरीदने की योजना बना रहे लोगों को परियोजना के बारे में सही सूचना हासिल करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आवंटी शिकायत प्रकोष्ठ के गठन और आवंटी शिकायत अधिकारी की नियुक्ति से बिल्डर के स्तर पर एकल शिकायत निपटान व्यवस्था बनेगी।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण

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