नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का रुख जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, उच्च स्तर पर मुनाफावसूली से तेजी की रफ्तार कुछ धीमी हो सकती है। विश्लेषकों ने बताया कि निवेशक अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
अमेरिकी मुद्रास्फीति और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े सर्राफा बाजार के लिए प्रमुख उत्प्रेरक होंगे।
विश्लेषकों ने कहा कि इसके अलावा पश्चिम एशिया की भू-राजनीति से जुड़े घटनाक्रम, विशेष रूप से अमेरिका-ईरान शांति समझौता और होर्मुज जलडमरूमध्य का फिर से खुलना भी कीमतों को प्रभावित करेगा।
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के जिंस एवं मुद्रा शोध के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रणव मेर ने कहा, ‘‘आगामी कारोबारी सत्र में हमारा अनुमान है कि रुझान सकारात्मक बना रहेगा, लेकिन कुछ मुनाफावसूली से इनकार नहीं किया जा सकता।’’
घरेलू मोर्चे पर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलिवरी वाला सोना वायदा 7,932 रुपये या 5.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ सप्ताहांत पर 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
सितंबर डिलिवरी वाली चांदी 10,673 रुपये या 4.52 प्रतिशत उछलकर 2.46 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जिंस एवं मुद्रा शोध विश्लेषक तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘‘इस सप्ताह सोना मजबूती से सकारात्मक बना रहा और पांच प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज करते हुए एमसीएक्स पर 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब बंद हुआ।’’
उन्होंने कहा कि इस तेजी को सर्राफा में नए सिरे से लिवाली, बॉन्ड प्रतिफल में नरमी और नकदी की बेहतर स्थितियों से समर्थन मिला।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कॉमेक्स पर दिसंबर डिलिवरी वाला सोना वायदा 243.3 डॉलर या 5.5 प्रतिशत बढ़कर 4,680.6 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।
न्यूयॉर्क में सितंबर डिलिवरी वाली चांदी 4.42 डॉलर या करीब सात प्रतिशत चढ़कर 69.53 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
मेर ने कहा कि 27-29 अगस्त को होने वाली जैक्सन हॉल संगोष्ठी पर भी सर्राफा कारोबारियों की पैनी नजर रहेगी, जहां फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श अपना पहला मुख्य भाषण देने वाले हैं।
भाषा पाण्डेय अजय
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