Minister Dharampal Singh Video/Image Credit: X Handle
Minister Dharampal Singh Video: मुरादाबाद: योगी सरकार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह चर्चा में आ गए हैं। दरअसल, मंत्री सिंह हरिद्वार जाते समय आराम करने के लिए मुरादाबाद के सर्किट हाउस पहुंचे, लेकिन वहां कुछ ऐसा हो गया कि, मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ऐसा इसलिए क्योंकि, मंत्री सिंह को वीआईपी कमरे की चाबी के लिए इंतजार करना पड़ा। स्टाफ का कर्मचारी चाबी लेकर कहीं चला गया था। मंत्री के पहुंचने के बाद कर्मचारी की तलाश शुरू हुई।
आनन-फानन में उसे तलाश कर चाबी मंगाई गई, तब जाकर वीआइपी कमरे का ताला खुल सका। (Minister Dharampal Singh Video) इसके बाद मंत्री परिवार के साथ कमरे में रुके। इसके बाद पशुधन मंत्री ने विश्राम से पहले पत्रकारों से बातचीत की। मंत्री सिंह ने कहा कि, योगी सरकार की प्राथमिकता प्रदेश का विकास और आम नागरिकों के साथ वीआइपी की सुरक्षा है। उन्होंने निराश्रित गोवंश के संरक्षण को भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में बताया।
मुरादाबाद : पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह आज मुरादाबाद के सर्किट हाउस पहुंचे। मंत्री जी अपने कमरे के बाहर पहुंचे लेकिन बाहर से ताला जड़ा मिला और स्टाफ चाबी लेकर गायब हो गया था।
अब मंत्री जी ने गेट के बाहर खड़े होकर काफी देर तक इंतजार किये। तब कही जाके आनन फानन में स्टाफ कर्मचारी से… pic.twitter.com/K8FVrPPXIj
— Ashish Paswan (@ashishpaswan0) August 22, 2026
Minister Dharampal Singh Video: पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि, दूध देना बंद करने के बाद पशुपालक गोवंश को छोड़ देते हैं। इस पर विचार करने की जरूरत है। सरकार ने ऐसे पशुओं के संरक्षण के लिए प्रदेश में 7,500 गोशालाएं बनाई गई हैं, जिनमें 14 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश संरक्षित है। पशुओं पर प्रतिदिन करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मुरादाबाद की गोशालाओं में सामने आइ गड़बड़ियों पर पशुधन मंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम के निरीक्षण के बाद कार्रवाई की गई है।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया गया कि जांच में सामने आया है कि टेंडर एक ही व्यक्ति के नाम हुआ है। (Minister Dharampal Singh Video) उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच चल रही है। इसमें जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। पशुपालन विभाग के आला अधिकारियों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। जांच में दोषी होने पर मुख्य पशुचिकित्साधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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