फेडरल रिजर्व के फैसले, कच्चा तेल, पश्चिम एशिया तनाव से तय होगी सर्राफा बाजार की चाल: विशेषज्ञ

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फेडरल रिजर्व के फैसले, कच्चा तेल, पश्चिम एशिया तनाव से तय होगी सर्राफा बाजार की चाल: विशेषज्ञ

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  • Publish Date - September 13, 2026 / 07:16 PM IST,
    Updated On - September 13, 2026 / 07:16 PM IST

नयी दिल्ली, 13 सितंबर (भाषा) सोने और चांदी की कीमतों में अगले सप्ताह उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। बाजार विशेषज्ञों ने यह राय जताई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दर पर फैसला, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव, अमेरिकी डॉलर की चाल और अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक होंगे।

फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की 15-16 सितंबर को होने वाली बैठक वैश्विक सर्राफा बाजार के लिए अगले सप्ताह की सबसे महत्वपूर्ण घटना होगी। फेड के फैसले और उसके प्रमुख की टिप्पणी से सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय हो सकती है।

गणेश चतुर्थी के कारण सोमवार को जिंस बाजार सुबह के सत्र में बंद रहेंगे।

एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष एवं जिंस तथा मुद्रा शोध विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने कहा कि सोना अमेरिकी फेड की टिप्पणियों, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी डॉलर, मुद्रास्फीति की उम्मीदों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति संवेदनशील बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में कोई नरमी या अमेरिकी फेडरल रिजर्व का कम आक्रामक रुख सोने में सुधार का समर्थन कर सकता है, जबकि कच्चे तेल में फिर से मजबूती या आक्रामक नीति संकेत से नई बिकवाली शुरू हो सकती है।

घरेलू बाजार में पिछले सप्ताह मिश्रित रुझान देखा गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अक्टूबर डिलीवरी के सोने का वायदा भाव 17 रुपये बढ़कर 1,52,784 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए, जबकि चांदी 2,684 रुपये यानी 1.13 प्रतिशत गिरावट के साथ 2.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

हालांकि, वैश्विक बाजार दबाव में रहा, जहां कॉमेक्स पर दिसंबर आपूर्ति वाले सोने का वायदा भाव 1.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,408.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ और चांदी 2.34 प्रतिशत गिरकर 65.19 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (जिंस एवं मुद्रा शोध) प्रणव मेर ने कहा कि पिछले सप्ताह सोने के वायदा भाव में तेजी और गिरावट के बीच उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन कुल मिलाकर इसमें बिकवाली का दबाव बना रहा और सप्ताह के अंत में भाव 1.5 प्रतिशत नीचे रहा।

उन्होंने कहा कि घरेलू बाजार में हालांकि रुपये में तेज गिरावट के कारण सोने की कीमतों में गिरावट सीमित रही।

मेर के अनुसार, निवेशक फेडरल रिजर्व के फैसले के बाद बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान के मौद्रिक नीति संबंधी फैसलों पर भी नजर रखेंगे। तीनों केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी किए जाने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि भारत, जर्मनी, ब्रिटेन, यूरो क्षेत्र, अमेरिका और जापान के मुद्रास्फीति संबंधी आंकड़े भी महत्वपूर्ण होंगे। चीन के निवेश और कारखानों की गतिविधियों से जुड़े आंकड़े औद्योगिक धातुओं की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

इस बीच, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें सप्ताह के अंत में 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहीं। इससे सर्राफा बाजार के लिए कच्चे तेल की कीमतें भी एक महत्वपूर्ण कारक बन गई हैं।

त्रिवेदी ने कहा कि सोने और चांदी का परिदृश्य फिलहाल अस्थिर और आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर है।

उनके अनुसार, फेडरल रिजर्व का फैसला कीमतों की अगली बड़ी दिशा तय करने वाला प्रमुख कारक हो सकता है।

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय