CM Yogi Adityanath Latest Statement on Akhilesh Yadav/Image Credit: IBC24.in
CM Yogi Adityanath Latest Statement on Akhilesh Yadav: लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गलती एक व्यक्ति करता है, लेकिन उसकी कीमत पूरे संस्थान को चुकानी पड़ती है। ठीक वैसे ही एक व्यक्ति और एक परिवार की कीमत उत्तर प्रदेश को पहचान के संकट, कानून व्यवस्था के भीषण संकट, अराजकता और भ्रष्टाचार के रूप में चुकानी पड़ती थी। कृत्य एक व्यक्ति गलत करता था और कीमत पूरा प्रदेश चुकाने को मजबूर होता था। आज पारदर्शिता और शुचिता के साथ आगे बढ़ रहे उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है। प्रदेश के लोग कहीं भी सीना तानकर कह सकते हैं कि वे उत्तर प्रदेश के हैं। मुख्यमंत्री योगी रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के षष्ठम स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया जितनी पारदर्शी होगी, परिणाम उतने ही फलदायी होंगे। अच्छे लोगों का चयन नहीं होगा, चयन प्रक्रिया में विसंगति, भेदभाव और शुचिता का अभाव होगा तो उसकी कीमत पूरे संस्थान को चुकानी पड़ेगी। पिछले साढ़े नौ वर्ष में प्रदेश में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। कोई यह नहीं कह सकता कि नियुक्ति में उसके साथ भेदभाव हुआ या किसी प्रकार का लेनदेन हुआ। प्रदेश में लगभग 16 लाख सरकारी कर्मचारी हैं, जिनमें 9.5 लाख वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भर्ती हुए हैं। यह युवा कार्यबल प्रदेश की प्रगति को नई गति दे रहा है।
मुख्यमंत्री योगी ने संस्थान में तैयार मुख्य चिकित्सा अंग प्रत्यारोपण यूनिट सहित कई अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लोकार्पण किया। इनमें 40 बेड का इमरजेंसी वार्ड, मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में 100 मरीजों की क्षमता वाला वेटिंग हाल, रेडिएशन आंकोलाजी विभाग में 4डी-सीटी सिम्युलेटर, पेट-सीटी मशीन, स्पेक्ट-सीटी मशीन, 1.5 टेस्ला एमआरआइ तथा पीएमआर विभाग में नेविगेटेड आरटीएमएस मशीन शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अंग प्रत्यारोपण यूनिट से किडनी ट्रांसप्लांट की प्रतीक्षा सूची कम करने में मदद मिलेगी। बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा भी जल्द शुरू होने जा रही है। संस्थान रोबोटिक सर्जरी, गामा नाइफ, एआइ आधारित डायग्नोस्टिक, एडवांस इमेजिंग, टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के 10 जिलों में वर्चुअल आइसीयू का संचालन किया जा रहा है।
CM Yogi Adityanath Latest Statement on Akhilesh Yadav: मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिला अस्पतालों में 10-10 बेड पर निश्शुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा और मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से जरूरतमंदों के उपचार के लिए धन उपलब्ध कराया जा रहा है। आज समस्या पैसे की नहीं है। सबसे बड़ी चुनौती किडनी ट्रांसप्लांट सहित गंभीर उपचार के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची को कम करने की है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में यह प्रश्न था कि यहां अस्पताल रहेगा या इसे संस्थान बनाया जाएगा। सरकार ने इसे संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। कभी 20 बेड के छोटे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में शुरू हुआ परिसर आज 1,400 बेड के सुपर स्पेशियलिटी संस्थान में बदल चुका है। पहले यहां की शिकायतों से समाचार पत्र रंगे रहते थे, अब शिकायतें कम आती हैं। जनता की संतुष्टि ही किसी संस्थान की सफलता की कसौटी है। संस्थान में 1,010 बेड का नया अस्पताल और 350 बेड का ट्रॉमा सेंटर भी प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर 41 मेडिकल कॉलेज थे, आज 85 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स संचालित हैं। एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक और पीजी की सीटें 3,564 से बढ़कर 5,067 हो गई हैं। पहले केवल दो नर्सिंग कॉलेज थे, अब 26 बन चुके हैं और 33 निर्माणाधीन हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की संख्या 1,227 से बढ़कर 3,438 हो गई है।
पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले चरण में उत्तर प्रदेश के लिए 17 मेडिकल कॉलेज और गोरखपुर एम्स स्वीकृत किया था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने मेडिकल कॉलेज बनाने से इनकार कर दिया। गोरखपुर एम्स के लिए ऐसी भूमि उपलब्ध कराई गई जिस पर सुप्रीम कोर्ट का स्थगन था। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद नई भूमि उपलब्ध कराई गई और आज गोरखपुर एम्स सफलतापूर्वक संचालित है। रायबरेली एम्स की समस्याओं का भी समाधान किया गया।
CM Yogi Adityanath Latest Statement on Akhilesh Yadav: मुख्यमंत्री योगी ने चिकित्सा संस्थानों से उपचार के साथ शोध, नवाचार और तकनीक को जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारे ही डाटा पर पश्चिमी देश शोधपत्र प्रस्तुत करते हैं, जबकि हम अपने डाटा को संरक्षित नहीं कर पाते। अपने मेडिकल डाटा को संरक्षित कर भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करनी होंगी। आइआइटी कानपुर के साथ मेडटेक सेंटर आफ एक्सीलेंस, एसजीपीजीआइ में सेंटर आफ एक्सीलेंस, मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क इसी दिशा में किए जा रहे प्रयास हैं। एआइ भी चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जापान ने इंसेफेलाइटिस की वैक्सीन 1905 में विकसित कर ली थी, लेकिन उसे भारत आने में 100 वर्ष लग गए। वहीं कोविड महामारी के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केवल नौ महीने में दो वैक्सीन विकसित कर दीं। भारत ने अपने नागरिकों को नि:शुल्क टीका उपलब्ध कराने के साथ करीब 100 मित्र देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बीमारी का पैटर्न बदल रहा है, इसलिए चिकित्सा संस्थानों को समय से 10 कदम आगे सोचने की जरूरत है। हीलिंग, लर्निंग और डिस्कवरी एक साथ चलेंगी तभी कोई संस्थान वास्तविक सेंटर आफ एक्सीलेंस बन सकेगा।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि छह वर्ष में लोहिया संस्थान ने तेजी से प्रगति की है। यहां हो रहे शोध को देखकर विश्वास है कि भविष्य में संस्थान से चिकित्सा क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार भी आ सकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि नंबर के साथ कौशल भी जरूरी है और चिकित्सक संकल्प लें कि कोई मरीज निराश होकर न लौटे। पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 2017 से पहले व्यवस्था में पारदर्शिता का अभाव था। आज मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में बिना भेदभाव स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं और प्रदेश में पहले करीब पांच हजार की तुलना में अब साढ़े 12 हजार से अधिक डॉक्टर तैयार हो रहे हैं।
चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि एक समय यह अस्पताल केवल 20 बेड से शुरू हुआ था। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र ने लंबी छलांग लगाई है। छह वर्ष पहले मुख्यमंत्री योगी ने इसे संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया और उसके बाद जिस तेजी से इसकी प्रगति हुई है, वह सराहनीय है। आज संस्थान में 1,400 बेड संचालित हो रहे हैं और यह प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में अपनी जगह बना चुका है।
CM Yogi Adityanath Latest Statement on Akhilesh Yadav: प्रदेश सरकार के सहयोग से संस्थान में 194 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है। मुख्यमंत्री योगी ने नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें टेक्निकल आफिसर परफ्यूजन अनुज कुमार शुक्ला, डाइटीशियन ममता तिवारी और सावन कुमार समेत अन्य नवनियुक्त कार्मिक शामिल रहे। मुख्यमंत्री योगी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले संकाय और नर्सिंग कर्मियों को भी सम्मानित किया। सीएमएस एवं जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह को डायरेक्टर एक्सीलेंस अवार्ड दिया गया। डॉ. आलोक श्रीवास्तव, डॉ. अजय कुमार वर्मा समेत अन्य संकाय सदस्यों को डायरेक्टर्स अवार्ड आफ मेरिट प्रदान किया गया। नर्सिंग में उमा पांडेय को डायरेक्टर्स मेरिट अवार्ड और सीएनओ सुमन सिंह को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला।
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मुख्यमंत्री योगी ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट के साथ डॉ. अजय कुमार वर्मा की पुस्तक ‘सही जानकारी सही देखभाल’ और डॉ. एसएस नाथ की पुस्तक ‘क्रिटिकल केयर फाल्स’ का विमोचन किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष सहित वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, संकाय सदस्य और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री योगी और मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इससे पहले संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने मुख्यमंत्री योगी का रुद्राक्ष का पौधा भेंटकर स्वागत किया। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष का भी रुद्राक्ष का पौधा देकर स्वागत किया गया।
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