कोयला आधारित यूरिया परियोजनाओं के लिए गैस आधारित संयंत्रों के समान दर्जे की मांग की

कोयला आधारित यूरिया परियोजनाओं के लिए गैस आधारित संयंत्रों के समान दर्जे की मांग की

कोयला आधारित यूरिया परियोजनाओं के लिए गैस आधारित संयंत्रों के समान दर्जे की मांग की
Modified Date: April 15, 2026 / 05:32 pm IST
Published Date: April 15, 2026 5:32 pm IST

नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) घरेलू कोयला गैसीकरण क्षेत्र की एक कंपनी ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि कोयला आधारित यूरिया परियोजनाओं को गैस आधारित संयंत्रों के बराबर दर्जा दिया जाए। इसके तहत उचित रूप से खरीद सुनिश्चित करने वाली व्यवस्था बनाना शामिल है।

यह मांग ऐसे वक्त में की गई है, जब सरकार यूरिया उत्पादन के लिए कच्चे माल के स्रोतों में विविधता लाने, आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ गैसीकरण प्रौद्योगिकी के माध्यम से भारत के विशाल घरेलू कोयला भंडार का उपयोग करने पर जोर दे रही है।

महाराष्ट्र के चंद्रपुर में कोयला गैसीकरण परियोजना विकसित कर रही कंपनी न्यू एरा क्लीनटेक सॉल्यूशन ने सरकार को लिखे पत्र में कहा कि कोयला आधारित यूरिया परियोजनाओं को गैस आधारित संयंत्रों के समान वित्तीय और नीतिगत दर्जा मिलना चाहिए।

कंपनी ने कहा कि चूंकि गैस आधारित इकाइयों की तुलना में कोयला आधारित संयंत्रों की पूंजीगत लागत काफी अधिक होती है, जिसका एक बड़ा हिस्सा उपकरणों पर लगने वाले माल एवं सेवा कर (जीएसटी) और सीमा शुल्क के कारण होता है, इसलिए सरकार को उचित वित्तीय प्रोत्साहन और सहायता उपायों पर विचार करना चाहिए।

न्यू एरा क्लीनटेक सॉल्यूशन ने कहा कि इससे परियोजनाओं की व्यवहार्यता सुनिश्चित होगी और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी।

कंपनी की योजना महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के भद्रावती में कोयला गैसीकरण आधारित यूरिया संयंत्र स्थापित करने की है। इस समय देश में यूरिया उत्पादन के लिए आयातित एलएनजी का उपयोग कच्चे माल के रूप में किया जाता है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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