कैम्पको ने सुपारी पर मंडी शुल्क में उप्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की

कैम्पको ने सुपारी पर मंडी शुल्क में उप्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की

कैम्पको ने सुपारी पर मंडी शुल्क में उप्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की
Modified Date: June 12, 2026 / 09:35 pm IST
Published Date: June 12, 2026 9:35 pm IST

मंगलुरु (कर्नाटक), 12 जून (भाषा) सेंट्रल अरेकानट एंड कोकोआ मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कोऑपरेटिव (कैम्पको) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और प्रदेश में सुपारी के व्यापार पर लगाए गए मंडी शुल्क से राहत की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने दलील दी कि इस शुल्क से सहकारी संस्थान और किसान बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।

यहां जारी कैम्पको की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, कैम्पको के अध्यक्ष एस.आर. सतीशचन्द्र और प्रबंध निदेशक डाक्टर बी.वी. सत्यनारायण ने मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश में सुपारी के सौदों पर कर के बोझ की वजह से सहकारी क्षेत्र के समक्ष आ रही चुनौतियों से अवगत कराया।

विभिन्न राज्यों में 1.5 लाख से अधिक सुपारी किसानों का प्रतिनिधित्व कर रहे इस कोऑपरेटिव को मौजूदा कराधान ढांचे की वजह से वैध व्यापार की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कर्नाटक से सुपारी की खरीद पर उद्गम स्थल पर पहले से ही कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) शुल्क लागू है और उत्तर प्रदेश में मंडी व्यवस्था के तहत फिर से कर लगाने से एक ही उत्पाद पर दोहरा बाजार शुल्क लग रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि अतिरिक्त कर के बोझ से असंगठित बाजार के संचालकों की तुलना में इसकी प्रतिस्पर्धी क्षमता प्रभावित हुई है जिससे उत्तर प्रदेश के भीतर कारोबार काफी घटा है। इस स्थिति के चलते कैम्पको को अंततः कानपुर में अपना सेल्स डिपो बंद करने को बाध्य होना पड़ा।

सुधारात्मक उपायों की मांग करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार से या तो सुपारी पर मंडी शुल्क खत्म करने या सहकारी संस्थानों को छूट देने का अनुरोध किया। साथ ही बाजार शुल्कों के दोहरे कराधान से राहत की भी मांग की।

कैम्पको की चिंताओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार सहकारी संस्थानों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी और उठाए गए मुद्दों की सहानुभूतिपूर्वक समीक्षा करेगी।

बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने कैम्पको की गतिविधियों विशेषकर मूल्यवर्धित उद्यमों में रुचि दिखाई और भविष्य में पुत्तूर में कैम्पको की चॉकलेट विनिर्माण इकाई का दौरा करने की इच्छा जताई।

भाषा सं राजेंद्र रमण

रमण


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