भारत को ‘न्यूटास्यूटिकल’ उत्पादों का वैश्विक केंद्र बनाने को क्षमता निर्माण की जरूरत : एफएसएसएआई

भारत को ‘न्यूटास्यूटिकल’ उत्पादों का वैश्विक केंद्र बनाने को क्षमता निर्माण की जरूरत : एफएसएसएआई

भारत को ‘न्यूटास्यूटिकल’ उत्पादों का वैश्विक केंद्र बनाने को क्षमता निर्माण की जरूरत : एफएसएसएआई
Modified Date: March 23, 2026 / 09:18 pm IST
Published Date: March 23, 2026 9:18 pm IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के सीईओ रजित पुन्हानी ने सोमवार को भारत को उच्च गुणवत्ता वाले न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए उद्योग अनुपालन, क्षमता निर्माण और हितधारकों के बीच सहयोग का आह्वान किया।

न्यूट्रास्यूटिकल्स खाद्य-व्युत्पन्न उत्पाद हैं, जिनमें सप्लिमेंट और पोषक तत्वों से समृद्ध खाद्य पदार्थ शामिल हैं, जो बुनियादी पोषण से परे स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं, रोग की रोकथाम और उपचार में सहायता करते हैं।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, सीईओ ने भारत में न्यूट्रास्यूटिकल्स क्षेत्र को मजबूत करने और बढ़ावा देने के लिए एफएसएसएआई द्वारा की गई कई प्रगतिशील पहल पर प्रकाश डाला।

उन्होंने उद्योग के भीतर नवाचार को बढ़ावा देते हुए उत्पाद की गुणवत्ता, सुरक्षा और मानकीकरण सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत नियामकीय ढांचा विकसित करने की दिशा में एफएसएसएआई के निरंतर प्रयासों पर जोर दिया।

उन्होंने ‘‘भारत को उच्च गुणवत्ता वाले न्यूट्रास्युटिकल उत्पादों के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए उद्योग अनुपालन, क्षमता निर्माण और हितधारकों के बीच सहयोग के महत्व पर भी जोर दिया।’’

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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