सीसीपीए ने डार्क पैटर्न अपनाने वाली सात ई-कॉमर्स कंपनियों पर लगाया 20 लाख रुपये का जुर्माना
सीसीपीए ने डार्क पैटर्न अपनाने वाली सात ई-कॉमर्स कंपनियों पर लगाया 20 लाख रुपये का जुर्माना
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ग्राहकों की खरीद संबंधी पसंद को प्रभावित करने वाली भ्रामक ऑनलाइन रणनीतियां ‘डार्क पैटर्न’ अपनाने के मामले में जेप्टो और फिजिक्सवाला सहित सात ई-कॉमर्स कंपनियों पर कुल 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
यह कार्रवाई नवंबर, 2023 में जारी उन दिशानिर्देशों के तहत की गई है, जिनका उद्देश्य उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले ऑनलाइन मंचों और भ्रामक तरीकों पर रोक लगाना है।
डार्क पैटर्न एक ऐसा जाल है, जो ऑनलाइन मंचों में उपयोगकर्ताओं को खरीदारी करने के लिए भ्रमित या मजबूर करने के मकसद से तैयार किया जाता है। इसमें छिपे शुल्क समेत अन्य लुभावने अवसर दिए जाते हैं।
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री बी. एल. वर्मा ने चार अगस्त को राज्यसभा में लिखित उत्तर में बताया कि ‘डार्क पैटर्न’ रोकथाम दिशानिर्देश लागू होने के बाद सीसीपीए ने ऐसे मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
ज़ेप्टो, फिजिक्सवाला, अनुज जिंदल, फर्स्टक्राई, फार्मइजी, मैकेफी और स्पाइसजेट समेत अन्य पर जुर्माना लगाया गया है। वहीं इंटरग्लोब एविएशन और बुकमायशो को नोटिस जारी किए गए थे। दोनों कंपनियों ने बाद में अपनी कमियां दूर कर लीं।
सबसे अधिक सात लाख रुपये का जुर्माना जेप्टो मार्केटप्लेस पर लगाया गया। कंपनी पर ‘ड्रिप प्राइसिंग’ और ‘बास्केट स्नीकिंग’ जैसे दो डार्क पैटर्न अपनाने का आरोप था।
सीसीपीए के अनुसार, कंपनी शुरुआत में कम कीमत दिखाकर ग्राहकों को लुभाती थी, लेकिन भुगतान के समय हैंडलिंग शुल्क और जेप्टो पास सदस्यता शुल्क जोड़ देती थी। कंपनी ने जुर्माना जमा कर यह तरीका बंद कर दिया है।
सीसीपीए ने स्वत: संज्ञान लेते हुए फिजिक्सवाला पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
जांच में पाया गया कि भुगतान के दौरान पीडब्ल्यू फाउंडेशन को 10 रुपये का दान उपभोक्ता की स्पष्ट सहमति के बिना पहले से चुना हुआ रहता था।
मंत्री ने बताया कि सीसीपीए के दिशानिर्देश ई-कॉमर्स क्षेत्र में पहचाने गए 13 तरह के डार्क पैटर्न को नियंत्रित करते हैं, ताकि उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
अनुज जिंदल के कोचिंग मंच पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। कंपनी ने 24 घंटे की समय-सीमा दिखाकर तत्काल खरीद का दबाव बनाया, जबकि यह दावा भ्रामक पाया गया।
भाषा यासिर अजय
अजय

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