केंद्र ने 21 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में 60 दिन के लिए केरोसिन के वितरण की अनुमति दी
केंद्र ने 21 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में 60 दिन के लिए केरोसिन के वितरण की अनुमति दी
नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई और रोशनी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मिट्टी के तेल (केरोसिन) के अस्थायी वितरण को मंजूरी दे दी है। हालांकि, ये राज्य पहले केरोसिन-मुक्त घोषित किए जा चुके हैं।
यह 60 दिन की आपातकालीन व्यवस्था रसोई गैस (एलपीजी) पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए की गई है।
यह निर्णय पश्चिम एशिया में पिछले एक माह से जारी युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति, विशेषकर रसोई गैस (एलपीजी) में बाधा आने के बाद लिया गया है।
भारत अपनी रसोई गैस की लगभग 60 प्रतिशत जरूरत को आयात के जरिये पूरा करता है, जिनमें से 85-90 प्रतिशत गैस खाड़ी देशों से आती है। युद्ध के कारण इसकी आपूर्ति में रुकावट आई है, जिससे होटल और रेस्तरां जैसे वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति कम करनी पड़ी है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 29 मार्च की अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोलियम अधिनियम, 1934 और पेट्रोलियम नियम, 2002 के तहत अस्थायी छूट प्रदान की है ताकि 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत केरोसिन का वितरण सुचारू रूप से किया जा सके।
अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक जिले में अधिकतम दो नामित सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनी (ओएमसी) के पेट्रोल पंप को 5,000 लीटर तक केरोसिन रखने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए।
इन पेट्रोल पंप पर केरोसिन भरने के लिए एजेंट और डीलर को लाइसेंस लेने से छूट दी गई है, जबकि पहले से लाइसेंसधारी टैंकर वाहनों को भी इसके लिए अतिरिक्त अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
ये छूट कड़ाई से सुरक्षा मानकों और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) द्वारा जारी संचालन संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करने के शर्त पर दी गई है। केरोसिन के भंडारण, भराई और वितरण का पूरा रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए और इसे जिला प्रशासन तथा पीईएसओ द्वारा निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है।
यह आदेश तुरंत प्रभावी होगा और 60 दिन तक या अगले आदेश तक वैध रहेगा।
एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, केरोसिन का उपयोग खाना पकाने और रोशनी के लिए किया जाएगा। इसे उन 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अस्थायी रूप से फिर से उपलब्ध कराया जाएगा, जिन्हें पहले ‘पीडीएस एसकेओ (केरोसिन-मुक्त)’ घोषित किया गया था। इनमें दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गोवा, मध्य प्रदेश और गुजरात शामिल हैं।
भाषा योगेश अजय
अजय

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