Chhindwara Afeem Ki Kheti: अब यहां मिली एक एकड़ रकबे में ‘अफीम की खेती’.. वन-विभाग तलाश रहा था कुछ और लेकिन हाथ लगी बड़ी कामयाबी..

Chhindwara Afeem Ki Kheti: छिंदवाड़ा में एक एकड़ में अवैध अफीम खेती का खुलासा, वन विभाग ने 6 हजार पौधे जब्त किए।

Chhindwara Afeem Ki Kheti: अब यहां मिली एक एकड़ रकबे में ‘अफीम की खेती’.. वन-विभाग तलाश रहा था कुछ और लेकिन हाथ लगी बड़ी कामयाबी..

Chhindwara Afeem Ki Kheti || Image- IBC24 NEWS FILE

Modified Date: March 30, 2026 / 12:27 pm IST
Published Date: March 30, 2026 12:27 pm IST

छिंदवाड़ा: छत्तीसगढ़ में पिछले महीने अफीम की खेती का मुद्दा सुर्खियों में था। दुर्ग जिले के समोदा में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती किए जाने का खुलासा हुआ था। (Chhindwara Afeem Ki Kheti) इसके बाद बलरामपुर में भी बड़ी कार्रवाई करते हुए अफीम की फसल को नष्ट कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं तीसरा मामला रायगढ़ जिले के लैलूंगा में सामने आया था।

प्रदेश भर में चल रहा अभियान

छत्तीसगढ़ की सियासत में यह मुद्दा पूरे उफान पर है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर अफीम की खेती को संरक्षण देने का आरोप लगाया है, जबकि सरकार का दावा है कि वे अभियान चलाकर इस तरह के मामलों को उजागर कर रहे हैं और आरोपियों को गिरफ्तार कर रहे हैं। बहरहाल, मुख्यमंत्री साय के निर्देश के बाद सभी जिलों के कलेक्टरों को ड्रोन सर्विलांस और जमीनी स्तर पर खेतों और फसलों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

बहरहाल, ताजा मामला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले का है। वन विभाग ने यहां करीब एक एकड़ रकबे में अफीम की खेती किए जाने का बड़ा खुलासा किया है। मामले के मास्टरमाइंड उदयसिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

कैसे हुआ मामले का खुलासा?

दरअसल, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) का एक बाघ पश्चिम छिंदवाड़ा जिले की सीमा के सामान्य वन मंडल के सांगाखेड़ा बीट क्षेत्र का था। यहां कुछ दिनों पहले एक बाघ लापता हो गया था। (Chhindwara Afeem Ki Kheti) कॉलर आईडी वाले इस बाघ की तलाश के दौरान एक आरोपी को पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि मवेशी पर हमले के बाद उसने बाघ को जहर देकर मार दिया था।

इस बारे में पश्चिम वनमंडल के डीएफओ साहिल गर्ग ने बताया, “सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कॉलर वाले बाघ की अंतिम लोकेशन के आधार पर 26 मार्च की शाम से पश्चिम वनमंडल के सांगाखेड़ा परिक्षेत्र एवं देनवा बफर टीम द्वारा संयुक्त रूप से लोकेशन ट्रेस की जा रही थी।”

“संयुक्त दल की सर्चिंग के दौरान 27 मार्च की सुबह पश्चिम छिंदवाड़ा वनमंडल अंतर्गत सांगाखेड़ा परिक्षेत्र की छातीआम बीट, कक्ष क्रमांक 262 एवं 266 से लगे राजस्व क्षेत्र के बाघदेव नाला जंगल में एक मवेशी बैल का शव बरामद हुआ। इससे बाघ के शिकार की आशंका हुई। डॉग स्क्वॉड की मदद से घटनास्थल पर सर्चिंग कराई गई, जहां सुबह करीब 8:30 बजे कुछ ही दूरी पर जमीन में दफनाए गए बाघ के शव को बरामद किया गया।”

जांच और पूछताछ के दौरान पता चला कि उदयसिंह अवैध अफीम की खेती भी करता है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने पाया कि छातीआम गांव में करीब एक एकड़ क्षेत्र में अफीम उगाई गई है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में खेत से अफीम के 6,148 पौधे जब्त किए गए, (Chhindwara Afeem Ki Kheti) जिनका कुल वजन 194.5 किलोग्राम था। फिलहाल, मामले में मास्टरमाइंड उदयसिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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