केंद्र का किसानों से ई-केवाईसी पूरा करने का आग्रह

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केंद्र का किसानों से ई-केवाईसी पूरा करने का आग्रह

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  • Publish Date - March 11, 2026 / 08:24 PM IST,
    Updated On - March 11, 2026 / 08:24 PM IST

नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) केंद्र सरकार ने बुधवार को किसानों से पीएम-किसान पोर्टल पर अपने विवरण को सत्यापित करने और जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरा करने का आग्रह किया। यह आग्रह 13 मार्च को 18,640 करोड़ रुपये की 22वीं किस्त जारी होने से पहले किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी असम के गुवाहाटी से ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (पीएम-किसान) योजना के तहत 9.32 करोड़ पंजीकृत किसानों के खातों में यह राशि डिजिटल माध्यम से हस्तांतरित करेंगे।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश भर के किसानों, विशेष रूप से असम के किसानों से अपील की है कि वे पीएम-किसान पोर्टल पर अपनी जानकारी की स्थिति की जांच करें।

उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘यदि आवश्यक हो, तो जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरा करें, ताकि 13 मार्च को जारी होने वाली 22वीं किस्त का लाभ उनके खातों में समय पर पहुंच सके।’’

लाभार्थियों की सहायता के लिए, पोर्टल पर ‘अपनी स्थिति को जानों (केवाईएस)’ नामक एक मॉड्यूल उपलब्ध कराया गया है। यह मॉड्यूल भुगतान की स्थिति, पात्रता, भूमि विवरण, आधार जोड़ने और ई-केवाईसी की स्थिति जैसी सभी जानकारियों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है।

सरकार ने चेहरे की पहचान पर आधारित एक मोबाइल ऐप भी पेश किया है, जिससे किसान बिना किसी ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाइस की आवश्यकता के, घर बैठे ही अपना ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं। राज्य और ग्राम स्तर के नोडल अधिकारी इस कार्य में अतिरिक्त सहायता प्रदान कर रहे हैं।

मंत्रालय का कृत्रिम मेधा-आधारित वॉयस चैटबॉट ‘किसान-ईमित्र’ 11 क्षेत्रीय भाषाओं में चौबीसों घंटे सहायता प्रदान कर रहा है, और अब तक इसने लाखों किसानों के प्रश्नों का समाधान किया है।

अपात्र लाभार्थियों को बाहर करने के लिए एक मजबूत सत्यापन प्रणाली लागू की गई है, जबकि संपन्न किसानों के लिए अपनी पात्रता स्वेच्छा से छोड़ने (स्वैच्छिक समर्पण) की सुविधा भी शुरू की गई है। उन किसानों को फिर से जोड़ने के लिए भी व्यवस्था की गयी है, जिन्होंने अनजाने में अपनी पात्रता छोड़ दी थी।

22वीं किस्त प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसान हैं। इस योजना के तहत, पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की राशि तीन समान किस्तों में दी जाती है, जिसे ‘प्रत्यक्ष लाभ अंतरण’ (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाता है। इस किस्त के जारी होने के साथ, पीएम-किसान के तहत वितरित कुल राशि 4.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण