नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अपने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आने वाले महीनों में रबी (सर्दियों) की फसलों की बुवाई शुरू होने के साथ ही उर्वरकों की ‘‘सुचारू और समय पर’’ आपूर्ति सुनिश्चित करें।
एक समीक्षा बैठक में, चौहान ने अधिकारियों को किसी भी व्यवधान को रोकने के लिए रसायन और उर्वरक मंत्रालय के साथ निकट समन्वय स्थापित करने को भी कहा।
देश के कुछ हिस्सों में मुख्य रबी फसल गेहूं की बुवाई शुरू हो गई है। कृषि मंत्री ने खरीफ फसलों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेते हुए रबी बुवाई की तैयारियों की समीक्षा की।
मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि जहां अत्यधिक वर्षा ने कुछ क्षेत्रों में फसलों को प्रभावित किया है, वहीं अन्य क्षेत्रों को अच्छे मानसून से लाभ हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप फसलों की अच्छी वृद्धि हुई है।
एक सरकारी बयान में कहा गया है कि इससे ‘‘रबी की बुवाई और समग्र उत्पादन को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है।’’
देश भर में जलाशयों का भंडारण स्तर पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है। मंत्री ने कहा कि अभी तक, 161 प्रमुख जलाशयों में पिछले वर्ष के संग्रहण का 103.51 प्रतिशत और 10 वर्षों के औसत संग्रहण का 115 प्रतिशत जल है, जो ‘‘कृषि उत्पादकता के लिए सकारात्मक परिदृश्य’’ को दर्शाता है।
खरीफ फसलों की बुवाई का रकबा फसल वर्ष 2025-26 (जुलाई-जून) में 6.51 लाख हेक्टेयर बढ़कर 1,121.46 लाख हेक्टेयर हो गया है।
अधिकारियों ने बताया कि टमाटर और प्याज की बुवाई सुचारू रूप से चल रही है। प्याज की खेती का रकबा फसल वर्ष 2024-25 के 3.62 लाख हेक्टेयर से बढ़कर अब 3.91 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि आलू का रकबा उक्त अवधि के 35 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 43 हजार हेक्टेयर हो गया है।
इस वर्ष टमाटर खेती का रकबा पिछले वर्ष के 1.86 लाख हेक्टेयर से बढ़कर अब 2.37 लाख हेक्टेयर हो गया है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सरकारी गोदामों में चावल और गेहूं का स्टॉक निर्धारित बफर मानदंडों से अधिक है, जो स्थिर आपूर्ति स्थिति का संकेत देता है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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