निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत स्टार्टअप के लिए अलग खंड बनाने पर विचारः गोयल

निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत स्टार्टअप के लिए अलग खंड बनाने पर विचारः गोयल

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 10:27 PM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 10:27 PM IST

नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि मंत्रालय ‘निर्यात प्रोत्साहन मिशन’ (ईपीएम) के तहत स्टार्टअप के लिए अलग से एक खंड बनाने पर विचार कर रहा है ताकि नवोदित उद्यमी अपने उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार तलाश सकें।

सरकार ने 25,060 करोड़ रुपये के परिव्यय वाले ईपीएम को मंजूरी दी है, जो अमेरिकी उच्च शुल्कों के बीच भारतीय निर्यातकों को नए बाजारों में विस्तार करने में मदद करेगा।

गोयल ने कहा, “हम ईपीएम के तहत स्टार्टअप फर्मों के लिए एक अलग रास्ता बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। हमारा ध्यान नई उत्पाद श्रेणियों, नए बाजारों और नए निर्यातकों पर है। ये तीनों मिलकर स्टार्टअप के लिए एक सही मिश्रण बनाते हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि निवेश एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) में पंजीकृत स्टार्टअप को वैश्विक प्रदर्शनीय कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।

गोयल ने कहा कि सरकार देश की स्टार्टअप पारिस्थितिकी को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले दशक में भारत में लगभग 10 लाख स्टार्टअप होंगे, जो एक करोड़ से अधिक रोजगार सृजित करेंगे।

गोयल ने स्टार्टअप के लिए ‘कोषों का कोष’ योजना का दूसरे चरण लाने के लिए दिशानिर्देशों बनाने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि 2016 में स्थापित 10,000 करोड़ रुपये के कोष का उद्देश्य स्टार्टअप को शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराना और जोखिम लेने के लिए सक्षम बनाना था।

पहले चरण की सफलता के बाद बजट में 10,000 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त को मंजूरी दी गई है। मंत्रालय का लक्ष्य इस कोष का एक बड़ा हिस्सा गहन प्रौद्योगिकी और रक्षा, अंतरिक्ष और वैमानिकी जैसे उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में लगाना है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में दिशानिर्देश तैयार हैं और शीघ्र ही इसे लागू किया जाएगा जिसके लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी आवश्यक होगी।

गोयल ने निर्यात परिदृश्य पर संतोष जताते हुए कहा कि जनवरी के पहले पखवाड़े में देश के निर्यात ‘बेहद सकारात्मक’ रहे। हालांकि उन्होंने इसके आंकड़े साझा नहीं किए।

दिसंबर 2025 में देश का वस्तु निर्यात 1.87 प्रतिशत बढ़कर 38.5 अरब डॉलर रहा जबकि आयात में बढ़ोतरी के कारण व्यापार घाटा बढ़कर 25 अरब डॉलर हो गया।

वाणिज्य मंत्री ने बजट से जुड़ी अपेक्षाओं पर कहा, “एंजल टैक्स को दो साल पहले हटा दिया गया था। हम कई सुझावों पर लगातार संवाद कर रहे हैं, जो स्टार्टअप पारिस्थितिकी को और मजबूती देंगे।”

गोयल की टिप्पणियों से यह स्पष्ट हुआ कि सरकार का उद्देश्य स्टार्टअप को वैश्विक मंच पर सशक्त बनाना और नई प्रौद्योगिकी, उत्पादों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण