कोल इंडिया की अनुषंगी बीसीसीएल ने डीजीएमएस के निर्देश के बाद धनबाद की न्यू आकाश किनारी कोलियरी में रोका खनन

कोल इंडिया की अनुषंगी बीसीसीएल ने डीजीएमएस के निर्देश के बाद धनबाद की न्यू आकाश किनारी कोलियरी में रोका खनन

कोल इंडिया की अनुषंगी बीसीसीएल ने डीजीएमएस के निर्देश के बाद धनबाद की न्यू आकाश किनारी कोलियरी में रोका खनन
Modified Date: August 19, 2026 / 02:06 pm IST
Published Date: August 19, 2026 2:06 pm IST

नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) कोल इंडिया की अनुषंगी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) के निर्देश के बाद झारखंड के धनबाद स्थित न्यू आकाश किनारी कोलियरी में विस्फोट और खनन गतिविधियां रोक दी हैं।

डीजीएमएस ने भूमि धंसने के कारण उत्पन्न सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए 17 अगस्त 2026 से कोयला खान विनियम, 2017 के तहत दी गई अनुमति वापस ले ली।

बीसीसीएल ने बीएसई को दी सूचना में कहा, ‘‘खान सुरक्षा महानिदेशालय ने 17.08.2026 के अपने पत्र के जरिये बीसीसीएल के गोविंदपुर क्षेत्र की न्यू आकाश किनारी कोलियरी (एनएकेसी) में नियंत्रित गहरे (डीप-होल) विस्फोट के लिए कोयला खान विनियम, 2017 के तहत दी गई अनुमति वापस ले ली है।’’

सुरक्षा नियामक ने निर्देश दिया है कि उसके लिखित अनुमति देने तक क्षेत्र में खनन और विस्फोट की गतिविधियां दोबारा शुरू नहीं की जा सकतीं।

कंपनी सूचना के अनुसार, ‘‘डीजीएमएस ने धनबाद के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपायुक्त-सह-चेयरमैन द्वारा 14.08.2026 को जारी निर्देशों का पालन करने को भी कहा है। इसमें प्रभावित क्षेत्र को वैज्ञानिक अध्ययन और मूल्यांकन के बाद सुरक्षित घोषित किए जाने तक विस्फोट तथा खनन गतिविधियां रोकने का निर्देश दिया गया है।’’

यह मामला न्यू आकाश किनारी कोलियरी के पास छाताबाद में हुई भूमि धंसने की घटना से जुड़ा है। प्रभावित भूमि बीसीसीएल की है।

कंपनी ने कहा कि वह संबंधित अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार जरूरी कदम उठा रही है। इसमें आवश्यक तकनीकी अध्ययन कराना और जल्द से जल्द नई अनुमति लेना शामिल है।

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के तहत सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। यह देश के इस्पात क्षेत्र को ईंधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस्पात उत्पादन और विनिर्माण प्रक्रियाओं के लिए इस क्षेत्र की कोयले पर काफी निर्भरता है

भाषा निहारिका

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