गोयल व्यापार व निवेश संबंध मजबूत करने के लिए 70 सदस्यीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ सिंगापुर पहुंचे

गोयल व्यापार व निवेश संबंध मजबूत करने के लिए 70 सदस्यीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ सिंगापुर पहुंचे

गोयल व्यापार व निवेश संबंध मजबूत करने के लिए 70 सदस्यीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ सिंगापुर पहुंचे
Modified Date: August 19, 2026 / 11:27 am IST
Published Date: August 19, 2026 11:27 am IST

नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए 70 सदस्यीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ सिंगापुर पहुंचे हैं। आधिकारिक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई।

यह तीन दिवसीय यात्रा 19 अगस्त से शुरू हुई।

गोयल 20 अगस्त को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ चौथी भारत-सिंगापुर मंत्रीस्तरीय गोलमेज बैठक (आईएसएमआर) में भाग लेंगे।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि यात्रा के दौरान मंत्री सिंगापुर के अपने समकक्षों और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत करेंगे।

व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल में कृत्रिम मेधा (एआई), विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य एवं कृषि, लॉजिस्टिक्स, समुद्री क्षेत्र और व्यापार से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हैं।

मंत्रालय के अनुसार, बातचीत में साझेदारी, निवेश, बाजार पहुंच, प्रौद्योगिकी सहयोग और प्रतिभा विकास पर ध्यान दिया जाएगा।

सिंगापुर, भारत का एक प्रमुख आर्थिक साझेदार और निवेश का बड़ा स्रोत बना हुआ है।

वित्त वर्ष 2025-26 में सिंगापुर 19.8 अरब डॉलर के साथ भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का सबसे बड़ा स्रोत रहा। अप्रैल 2000 से मार्च 2026 के बीच सिंगापुर से कुल एफडीआई प्रवाह 194.68 अरब डॉलर रहा, जो भारत में कुल एफडीआई प्रवाह का 24.72 प्रतिशत है।

सिंगापुर दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार भी है। साथ ही विदेशी वाणिज्यिक ऋण (ईसीबी) तथा विदेशी पोर्टफोलियो निवेश का भी एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

भारत-सिंगापुर व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में काफी वृद्धि हुई है। यह वित्त वर्ष 2004-05 के 6.7 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 36.1 अरब डॉलर हो गया।

भाषा निहारिका

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