कोल इंडिया की प्रमुख अनुषंगी कंपनियों के कोयला उत्पादन में गिरावट

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कोल इंडिया की प्रमुख अनुषंगी कंपनियों के कोयला उत्पादन में गिरावट

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  • Publish Date - April 2, 2026 / 06:10 PM IST,
    Updated On - April 2, 2026 / 06:10 PM IST

नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की प्रमुख अनुषंगी कंपनियों- भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के कोयला उत्पादन में हाल ही में समाप्त हुए वित्त वर्ष 2025-26 में गिरावट दर्ज की गई है।

कोयला उत्पादन में यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक स्तर पर गैस और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे आयातित कोयले की कीमतें बढ़ी हैं और देश की कोयले पर निर्भरता काफी बढ़ गई है।

कोल इंडिया के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में बीसीसीएल के उत्पादन में 12.3 प्रतिशत, सीसीएल में 6.1 प्रतिशत, डब्ल्यूसीएल में 8.8 प्रतिशत और एमसीएल के उत्पादन में तीन प्रतिशत की गिरावट आई है।

दूसरी ओर, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ही दो ऐसी अनुषंगी कंपनियां रहीं जिन्होंने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। एसईसीएल का उत्पादन 5.3 प्रतिशत और एनसीएल का उत्पादन 1.1 प्रतिशत बढ़ा।

देश के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से अधिक है।

कुल मिलाकर, बीते वित्त वर्ष में कोल इंडिया का कुल उत्पादन 1.7 प्रतिशत घटकर 76.81 करोड़ टन रह गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष (2024-25) में 78.11 करोड़ टन था।

इसी तरह कंपनी द्वारा कोयले का उठाव भी 2.4 प्रतिशत घटकर 74.48 करोड़ टन रह गया।

पूर्व बिजली सचिव अनिल राजदान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उचित भंडारण व्यवस्था के बिना केवल लक्ष्य पूरा करने के लिए कोयले का अत्यधिक उत्पादन करने से वह खराब हो सकता है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिजली उत्पादन के लिए कोयले की आपूर्ति में किसी कमी की कोई खबर नहीं है।

कोल इंडिया के पूर्व चेयरमैन तथा प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सुतीर्थ भट्टाचार्य ने कहा कि वास्तविक उत्पादन लक्ष्य बाजार की मांग के अनुरूप तय होते हैं और गर्मी के महीनों में जरूरत से ज्यादा स्टॉक रखने से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कंपनी को एक ब्रांड अगुवा बनने के लिए अब कोयले की गुणवत्ता पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

भाषा सुमित अजय

अजय