सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी: मांडविया
सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी: मांडविया
नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को टिकाऊ भविष्य के लिए सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के मकसद से सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
मांडविया ने ‘ग्लोबल कोएलिशन फॉर सोशल जस्टिस एनुअल फोरम 2026’ को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक समुदाय का साझा उद्देश्य सहयोग को अवसरों, वृद्धि को साझा समृद्धि और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धताओं को ठोस बदलाव में बदलना होना चाहिए।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, श्रम मंत्री ने अधिक समावेशी और टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए सामाजिक न्याय को प्रयासों के केंद्र में रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत बड़े पैमाने पर बदलाव लाने के अपने अनुभव और अधिक समावेशी दुनिया के निर्माण की प्रतिबद्धता को इस मंच पर लेकर आया है।
मांडविया ने कहा कि आर्थिक वृद्धि और सामाजिक प्रगति को साथ लेकर चलना जरूरी है। आर्थिक वृद्धि से अच्छे रोजगार पैदा होने चाहिए, प्रौद्योगिकी से समावेश को प्रोत्साहन मिलना चाहिए और नवाचार से लोगों के जीवन में सुधार आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत प्रौद्योगिकी, कौशल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से काम के भविष्य के लिए तैयारी कर रहा है। उन्होंने बदलती कार्य दुनिया में कौशल, रोजगार क्षमता और श्रम गतिशीलता पर नए सिरे से ध्यान देने की जरूरत बताई।
मांडविया ने सामाजिक सुरक्षा के विस्तार में सुधारों और डिजिटल माध्यम से सेवाओं की पहुंच की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 के 19 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 68.4 प्रतिशत हो गया है, जिससे एक अरब से अधिक लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ गए हैं।
उन्होंने कहा कि करीब 32 करोड़ असंगठित श्रमिक ‘ई-श्रम पोर्टल’ पर पंजीकृत हैं और यह अपनी तरह का दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल डेटाबेस है। यह पोर्टल श्रमिकों को केंद्र और राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ता है।
मंत्रालय ने कहा कि यह मंच साझेदारों को अनुभव और सीख साझा करने, प्रगति की समीक्षा करने, सहयोग के अवसर तलाशने और भविष्य की सामूहिक कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने का अवसर देता है।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
प्रेम

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