डब्ल्यूटीओ में सहमति-आधारित निर्णय प्रक्रिया महत्वपूर्ण, इस पर कोई समझौता नहीं: गोयल

डब्ल्यूटीओ में सहमति-आधारित निर्णय प्रक्रिया महत्वपूर्ण, इस पर कोई समझौता नहीं: गोयल

डब्ल्यूटीओ में सहमति-आधारित निर्णय प्रक्रिया महत्वपूर्ण, इस पर कोई समझौता नहीं: गोयल
Modified Date: March 27, 2026 / 09:55 pm IST
Published Date: March 27, 2026 9:55 pm IST

नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) भारत ने शुक्रवार को कहा कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की सहमति-आधारित निर्णय प्रक्रिया पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता और इसे इस बहुपक्षीय संस्था की नींव बताया।

कैमरून के याउंडे में विश्व व्यापार संगठन के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एमसी14) के दूसरे दिन एक सत्र को संबोधित करते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वर्तमान गतिरोध की व्यापक और रचनात्मक समीक्षा करने की जरूरत है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘विश्वास फिर से बनाना बहुत जरूरी है ताकि सहमति-आधारित निर्णय प्रक्रिया को मजबूत किया जा सके। यह प्रक्रिया अपरिवर्तनीय है और डब्ल्यूटीओ की नींव भी है।

यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ विकसित देश जेनेवा स्थित इस बहुपक्षीय व्यापार संगठन में सहमति-आधारित प्रणाली की आलोचना कर रहे हैं और डब्ल्यूटीओ सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि इस प्रणाली में एक सदस्य देश भी संगठन की बैठकों में लिए गए निर्णयों को रोक सकता है।

हालांकि, भारत जैसे विकासशील देश इस प्रणाली का समर्थन करते हैं क्योंकि यह सभी देशों को समान अधिकार और आवाज देती है।

मंत्री ने यह भी कहा कि एक सच्ची और सफल बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली तभी फल-फूल सकती है जब उसका संस्थागत ढांचा संगठित, मजबूत और सभी सदस्यों की साझा आकांक्षाओं के अनुरूप बना रहे।

गोयल ने कहा, ‘वर्तमान गतिरोध की पूरी और रचनात्मक समीक्षा करना जरूरी है, ताकि इसकी मूल वजहों को समझा जा सके, और यह सुनिश्चित किया जा सके कि चर्चा पारदर्शी, समावेशी और सदस्य-केंद्रित बनी रहे।’

भाषा योगेश रमण

रमण


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