(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश की आर्थिक बुनियाद काफी मजबूत हुई है और सरकार की नीतियों के चलते नागरिकों की आय भी बढ़ी है।
राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत पूरी होना भारत के विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्रों को गति देगा और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा करेगा।
राष्ट्रपति ने कहा, “पिछले 11 वर्षों में देश की आर्थिक बुनियाद काफी सशक्त हुई है। विभिन्न वैश्विक संकटों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।”
उल्लेखनीय है कि देश की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में अनुमान से अधिक 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी जो पिछले डेढ़ साल में सबसे अधिक है।
उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने में भी देश का रिकॉर्ड और बेहतर हुआ है, जिसका सीधा लाभ गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को मिला है।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘सरकार की नीतियों के कारण देशवासियों की आय बढ़ी है, बचत बढ़ी है और खरीद शक्ति में भी वृद्धि हुई है।’’
राष्ट्रपति ने सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘ सरकार ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ के रास्ते पर चल रही है। पुराने नियमों और प्रावधानों को, भविष्य की जरूरतों के हिसाब से निरंतर बदला जा रहा है।’’
उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में अगली पीढ़ी के ऐतिहासिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे नागरिकों को करीब एक लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है।
राष्ट्रपति ने आयकर कानून में बदलाव का भी उल्लेख करते हुए कहा कि 12 लाख रुपये तक की आय को कर-मुक्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को अभूतपूर्व लाभ मिला है और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिली है।
राष्ट्रपति ने कहा कि नए क्षेत्रों के उभरने के साथ श्रमिकों के हितों की रक्षा भी जरूरी है और इसी उद्देश्य से नए श्रम कानून लागू किए गए हैं। दर्जनों श्रम कानूनों को चार संहिताओं में समेटा गया है, जिससे उचित पारिश्रमिक, भत्तों और कल्याणकारी लाभों तक पहुंच आसान हुई है।
उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में 7,200 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 50,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ है जिससे बाजारों, अस्पतालों और स्कूलों तक पहुंच बेहतर हुई है।
कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के लिए समृद्ध किसान सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक चार लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से कृषि उत्पादन बढ़ा है और 2024-25 में खाद्यान्न एवं बागवानी फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। राष्ट्रपति ने सहकारी आंदोलन को मजबूत करने, पीएलआई योजना के तहत करीब दो लाख करोड़ रुपये के निवेश और 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादन का भी उल्लेख किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने करीब 750 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित किया है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर राष्ट्रपति ने कहा कि 2025 में चार नए विनिर्माण संयंत्रों को मंजूरी दी गई है और कुल 10 सेमीकंडक्टर कारखाने निकट भविष्य में शुरू होंगे।
राष्ट्रपति ने कृत्रिम मेधा (एआई) के दुरुपयोग से पैदा हुए खतरों पर चिंता जताते हुए कहा कि डीपफेक, गलत सूचना और फर्जी सामग्री लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर चुनौती बन रही हैं।
उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक मंचों पर बड़ी जिम्मेदारियां निभा रहा है और इस वर्ष ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता कर रहा है। इसके साथ भारत ‘वैश्विक एआई इम्पैक्ट सम्मेलन’ की मेजबानी भी करेगा जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी।
राष्ट्रपति ने बजट सत्र के अपने अभिभाषण में कहा, ‘सभी नागरिक देख सकते हैं कि भारत अपने भविष्य की यात्रा के एक अहम दौर में खड़ा है और आज लिए जा रहे फैसलों का असर आने वाले वर्षों में दिखाई देगा।’
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प्रेम रमण
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