Mumbai News: बुधवार की सुबह देश और महाराष्ट्र की राजनीति के लिए शोक भरी खबर लेकर आई। दरअसल, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक विमान दुर्घटना में जान चली गई। (Ajit pawar plane crash) इस त्रासदी ने न सिर्फ एक जनप्रिय, जननेता को छीन लिया, बल्कि उन दर्दनाक हादसों की कड़वी यादें भी ताजा कर दीं, जिनमें पहले भी देश ने अपने कई राजनीतिक दिग्गजों और प्रमुख हस्तियों को असामयिक रूप से खो दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजित पवार और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान पुणे के बारामती में उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया जब वह लैंड कर रहा था। (Ajit pawar plane crash) इस खबर में हम आपको इसके पहले भी जिन नेताओं ने अपनी जान प्लेन हादसे में गंवायी है उनके बारे में जानकारी दे रहे हैं।
भारत के नामचीन परमाणु भौतिकी वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा की मृत्यु 24 जनवरी 1966 को ‘एयर इंडिया’ की उड़ान 101 के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण हुई। (Homi Bhabha plane crash) जिनेवा एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के साथ हुए गलत संचार की वजह से विमान ‘स्विस आल्प्स’ पहाड़ के मोंट ब्लांक में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
इसी प्रकार करीब 14 वर्ष बाद कांग्रेस नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी की 23 जून 1980 को एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई। ( Sanjay Gandhi plane crash) वह सफदरजंग हवाई अड्डे के पास ‘दिल्ली फ्लाइंग क्लब’ के विमान में हवाई करतब दिखा रहे थे, तभी विमान अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
इसके बाद करीब 21 साल बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नागर विमानन मंत्री माधवराव सिंधिया की मृत्यु 30 सितंबर 2001 को कानपुर में राजनीतिक रैली के लिए जा रहे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण हुई। (Madhavrao Scindia plane crash) उत्तर प्रदेश में खराब मौसम के कारण 10 लोगों की बैठने की क्षमता वाला निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
इस घटना के अगले ही साल लोकसभा अध्यक्ष रहे एवं तेलुगु देशम पार्टी के नेता जी एम सी बालयोगी की मृत्यु तीन मार्च 2002 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई। (GMC Balayogi plane crash) वह पश्चिम गोदावरी जिले के भीमवरम से आ रहे थे, जब उनका निजी हेलीकॉप्टर आंध प्रदेश के कृष्णा जिले के कैकलुरु के पास एक तालाब में गिर गया।
मात्र दो साल बाद मेघालय के ग्रामीण विकास मंत्री किप्रियन सांगा और 9 अन्य लोग 22 सितंबर 2004 को गुवाहाटी से शिलॉन्ग जा रहे पवन हंस हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त के कारण मारे गए थे। (cyprian sanga plane crash) यह हेलीकॉप्टर राज्य की राजधानी से केवल 20 किमी दूर बारापानी झील के पास दुर्घटना का शिकार हुआ।
इसी साल हुए एक अन्य हादसे में दक्षिण भारत की लोकप्रिय अभिनेत्री सौंदर्या (के एस सौम्या) (K S Soumya plane crash) की मृत्यु 17 अप्रैल 2004 को विमान दुर्घटना में हुई जब वह अपने भाई के साथ बेंगलुरु से करीमनगर जा रही थीं।
एक साल बाद फिर एक विमान हादसा हुआ, जब उद्योगपति और हरियाणा के पूर्व मंत्री ओम प्रकाश जिंदल और कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह की 2005 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई। (OP Jindal and Surendra Singh plane crash) जब उनका हेलीकॉप्टर दिल्ली से चंडीगढ़ जाते समय उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दुर्घटना का शिकार हो गया।
इसी तरह दो सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस राजसेखर रेड्डी (वाईएसआर) का हेलीकॉप्टर ‘बेल 430’ खराब मौसम के कारण नल्लमाला जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया (Y S Reddy plane crash) जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
दो साल बाद फिर अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू (Dorjee Khandu plane crash) और चार अन्य लोगों को 30 अप्रैल 2011 को तवांग से ईटानगर जा रहे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण जान गंवानी पड़ी।
भारत के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत की मृत्यु आठ दिसंबर 2021 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई। (CDS General Bipin Rawat plane crash) यह दुर्घटना तमिलनाडु के कूनूर के पास हुई, जब वह सुलूर से वेलिंगटन जा रहे थे।
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की मृत्यु 12 जून 2025 को अहमदाबाद विमान दुर्घटना में हुई। (Vijay Rupani plane crash) इस हादसे में बोइंग ‘787-8 ड्रीमलाइनर’ (एआई171) में सवार 242 यात्री और चालक दल में से एक को छोड़कर सभी की मौत हो गई, जबकि जमीन पर भी कई एमबीबीएस छात्रों समेत 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। यह हादसा देश के लिए किसी सदमें से कम नहीं था।