नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) पश्चिम एशिया में फिर से बढ़े सैन्य तनाव के कारण दोबारा आपूर्ति में रुकावट की आशंकाओं के कारण बुधवार को कच्चे तेल के वायदा कीमत 3 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 7,845 रुपये प्रति बैरल हो गई। यह तेजी वैश्विक मानक में आई तेजी के कारण हुई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चे तेल का अगस्त माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 242 रुपये या 3.18 प्रतिशत की तेजी के साथ 7,845 रुपये प्रति बैरल हो गया। इससे तीन सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला टूट गया।
कच्चे तेल का सितंबर माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 200 रुपये या 3 प्रतिशत की तेजी के साथ 7,649 रुपये प्रति बैरल हो गया।
चॉइस ब्रोकिंग में कमोडिटी और करेंसी विश्लेषक (तकनीकी शोध) आमिर मकदा ने कहा, ‘‘बुधवार को शुरुआती कारोबार में आपूर्ति में रुकावट की नई चिंताओं के कारण एमसीएक्स कच्चातेल का अगस्त अनुबंध लगभग 7,650 रुपये पर सकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर रहा था।’’
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार बढ़ाने से कच्चातेल वायदा कीमतों में तेजी आई।
वैश्विक स्तर पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल लगभग 4 प्रतिशत की तेजी के साथ 82.17 डॉलर प्रति बैरल हो गया जबकि ब्रेंट क्रूड का दाम भी लगभग 4 प्रतिशत बढ़कर 87.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
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