Ambikapur School Teacher. Image Source- IBC
अंबिकापुरः Ambikapur School Teacher स्कूल की कॉपी में अब तक आपने टीचर को पाठ्यपुस्तक का सिलेबस, मंत्रोच्चार, कहानी और कविताएं लिखवाते देखा होगा, लेकिन क्या कभी अपने टीचर को बच्चे को गाली लिखवाते देखा है? आपका जवाब होगा शायद नहीं, लेकिन छत्तीसगढ़ में ऐसा हुआ है। यहां के एक निजी स्कूल की शिक्षिका ने बच्चे को सजा के रूप में गालियां लिखवा दी। अब इसे लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है।
Ambikapur School Teacher जानकारी के अनुसार अंबिकापुर के सरगवां स्थित बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल में 28 जुलाई को कक्षा 8 के दो छात्रों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। बताया जाता है कि विवाद के दौरान दोनों छात्रों ने एक-दूसरे के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। आरोप है कि इसके बाद संबंधित शिक्षिका ने एक छात्र को अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर हिंदी और अंग्रेजी में 100-100 बार अपशब्द लिखने की सजा दी। छात्र को कक्षा में जमीन पर बैठाकर यह कार्य कराया गया। इतना ही नहीं छात्र से कहा गया कि वह यही कॉपी अपने माता-पिता को दिखाकर उनके हस्ताक्षर भी कराकर लेकर आए। मामला सामने आने के बाद अभिवाभक समेत समाजसेवी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे है। वहीं शिक्षा विभाग भी हरकत में आया है और मामले के जांच के आदेश दे दिए गए हैं
अभिभावकों को कहना है कि अगर बच्चे से गलती हुई थी तो उसे समझाया जाना चाहिए था, लेकिन एक शिक्षिका के द्वारा बच्चे से बार-बार अपशब्द लिखवाना न सिर्फ गलत है, बल्कि उसकी मानसिकता पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है। परिजनों ने सवाल उठाया कि स्कूल बच्चों को शिक्षा देने के लिए हैं या गालियां सिखाने के लिए? इधर इस मामले के सामने आने के बाद जनप्रतिनिधियों वो समाजसेवियों ने भी शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई के साथ स्कूल की मान्यता भी खत्म कारण की मांग की है। मामले की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा ने सहायक संचालक को जांच के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल के खिलाफ भी उचित कार्रवाई होगी। हालांकि स्कूल की तरफ से कोई भी जवाब नहीं मिल सका।