पुणे, 18 जनवरी (भाषा) मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ संतोष अय्यर ने कहा कि आयातित ‘लग्जरी’ कारों पर सीमा शुल्क को तर्कसंगत बनाने से प्रीमियम खंड में मांग बढ़ेगी, जिससे सरकार का कुल कर राजस्व बढ़ेगा।
आगामी आम बजट की अपेक्षाओं के बारे में पूछने पर अय्यर ने पीटीआई-भाषा को बताया कि इसके अलावा एक अधिक स्थिर व्यापक आर्थिक नीति और रुपये में जारी गिरावट को रोकने के लिए बेहतर राजकोषीय प्रबंधन से लग्जरी कार निर्माताओं को मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इन कंपनियों को बढ़ती लागत के कारण कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जिसका असर मांग पर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी सुधारों के तहत पिछले साल दरों को तर्कसंगत बनाया गया, जो एक बेहद सकारात्मक कदम था और अब सीमा शुल्क के लिए भी ऐसा ही होना चाहिए।
इस समय 40,000 अमेरिकी डॉलर से कम कीमत वाले आयातित यात्री वाहनों पर 70 प्रतिशत का बुनियादी सीमा शुल्क लगता है, और 40,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक कीमत वाले वाहनों पर 110 प्रतिशत का प्रभावी सीमा शुल्क लगाया जाता है।
अय्यर ने कहा किया, ”इस सीमा शुल्क को तर्कसंगत बनाया जा सकता है और एक स्लैब के तहत लाया जा सकता है।”
भाषा पाण्डेय
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