मुंबई, 13 मार्च (भाषा) रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 12 पैसे टूटकर अपने दिन के रिकॉर्ड निचले स्तर 92.37 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष के बीच वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कोई संकेत न दिखने के कारण निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि डॉलर के मजबूत रुख, विदेशी निवेशकों द्वारा भारी बिकवाली और घरेलू शेयर बाजारों में कमजोर रुझान ने रुपये पर और दबाव डाला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.33 प्रति डॉलर पर खुला। फिर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने दिन के रिकॉर्ड निचले स्तर 92.37 पर पहुंच गई जो पिछले बंद भाव से 12 पैसे की गिरावट दर्शाता है।
रुपया बृहस्पतिवार को कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.36 के नए निचले स्तर पर पहुंच गया था। सत्र के अंत में 24 पैसे टूटकर अपने सबसे निचले स्तर 92.25 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.77 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 560.06 अंक या 0.74 प्रतिशत टूटकर 75,474.36 अंक पर जबकि निफ्टी 184.45 अंक या 0.78 प्रतिशत फिसलकर 23,454.70 अंक पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 4.99 प्रतिशत चढ़कर 96.57 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को बिवकाल रहे थे और उन्होंने 7,049.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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