चिनाब नदी पर सबसे ऊंचा रेल पुल बनने में साइरस मिस्त्री के भरोसे ने निभाई बड़ी भूमिका

चिनाब नदी पर सबसे ऊंचा रेल पुल बनने में साइरस मिस्त्री के भरोसे ने निभाई बड़ी भूमिका

चिनाब नदी पर सबसे ऊंचा रेल पुल बनने में साइरस मिस्त्री के भरोसे ने निभाई बड़ी भूमिका
Modified Date: February 21, 2026 / 04:15 pm IST
Published Date: February 21, 2026 4:15 pm IST

(जीवन प्रकाश शर्मा)

नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बना दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल आज भारतीय इंजीनियरिंग की एक मिसाल है लेकिन साल 2008 के आसपास एक वक्त ऐसा भी आया था, जब इस परियोजना का भविष्य अधर में लटक गया था। उस मुश्किल वक्त में दिवंगत साइरस मिस्त्री ने वित्तीय नुकसान की आशंका के बावजूद इस परियोजना को बीच में छोड़ने से साफ इनकार कर दिया था।

एफकांस इन्फास्ट्रक्चर लिमिटेड के कार्यकारी चेयरमैन कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने इस ऐतिहासिक पुल के 20 साल लंबे सफर को याद करते हुए ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में उस घटना का ब्योरा दिया जब एक कानूनी चुनौती और वैकल्पिक मार्ग की तलाश के कारण रेलवे बोर्ड ने इस ऊंचे रेल पुल के निर्माण का काम रोक दिया था।

शापूरजी पलोनजी समूह से जुड़ी कंपनी एफकांस इन्फ्रास्ट्रक्चर को वर्ष 2004 में इस रेलवे पुल के निर्माण का ठेका मिला था। साइरस मिस्त्री उस समय एफकांस के निदेशक मंडल में शामिल थे।

सुब्रमण्यम ने कहा, ‘रेलवे बोर्ड ने कानूनी चुनौती की वजह से 90 दिनों से अधिक समय तक काम रोक दिया था। अनुबंध के मुताबिक, हमारे पास परियोजना से बाहर निकलने का कानूनी विकल्प था। रेलवे बोर्ड के तत्कालीन सदस्य (इंजीनियरिंग) ने मुझसे कहा भी था कि यदि आप चाहें तो यह आपके पास हटने का मौका है।’

हालांकि सुब्रमण्यम ने इस पर तुरंत फैसला लेने के बजाय तत्कालीन कंपनी चेयरमैन साइरस मिस्त्री के साथ लंबी चर्चा की।

सुब्रमण्यम ने कहा, ‘हमने लंबी बहस की। हम जानते थे कि इसमें अतिरिक्त पैसा खर्च होगा और घाटा भी हो सकता है। लेकिन हम दोनों इस बात पर सहमत थे कि अगर हम हट गए, तो इस जटिल परियोजना को पूरा करना बहुत मुश्किल हो जाएगा। साइरस ने मुझसे पूछा ‘क्या तुम्हें भरोसा है?’ मैंने कहा ‘बिल्कुल, हम इसे पूरा करेंगे’।’

एफकांस प्रमुख ने कहा कि जहां दुनिया को लग रहा था कि इतने मुश्किल पहाड़ी इलाके में इस रेल पुल को बनाना लगभग नामुमकिन है, वहीं हमने इसे एक अवसर के रूप में देखा ताकि कंपनी खुद को इंजीनियरिंग क्षेत्र में अग्रणी साबित कर सके।

उन्होंने कहा, ‘‘आज, हमें लगातार आठ वर्षों से एक ‘ज्ञान आधारित उद्यम’ के रूप में मान्यता मिली है और हम दुनिया की एकमात्र अवसंरचना कंपनी हैं जिसे यह गौरव हासिल है।’’

सुब्रमण्यम इस रेल पुल का काम पूरा होने का श्रेय मिस्त्री के भरोसे को देते हैं। मिस्त्री का वर्ष 2022 में अहमदाबाद-मुंबई राजमार्ग पर एक कार दुर्घटना में निधन हो गया था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छह जून, 2025 को कटरा-श्रीनगर खंड के साथ इस प्रतिष्ठित ‘चिनाब आर्क ब्रिज’ का उद्घाटन किया था। 1,315 मीटर लंबा यह रेल पुल नदी के तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो पेरिस के एफिल टावर से भी 35 मीटर ऊंचा है।

करीब 272 किलोमीटर लंबी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसआरबीएल) परियोजना का यह सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा था।

सुब्रमण्यम ने बताया कि निर्माण के दौरान रेलवे ने ‘ब्लास्ट लोड’ जैसे नए सुरक्षा मानक भी जोड़े, जिन्हें कंपनी ने बखूबी शामिल किया।

चिनाब नदी पर रेल पुल बनाने के अलावा एफकांस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने कोलकाता में हुगली नदी के नीचे देश की पहली समुद्री मेट्रो सुरंग भी बनाई है।

भाषा प्रेम

सुमित प्रेम

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