एफएसएसएआई के नोटिस के बाद डाबर, फर्न्स एन पेटल्स और चार अन्य कंपनियों ने अपनी गलतियां सुधारीं
एफएसएसएआई के नोटिस के बाद डाबर, फर्न्स एन पेटल्स और चार अन्य कंपनियों ने अपनी गलतियां सुधारीं
नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने मंगलवार को कहा कि डाबर इंडिया और फर्न्स एन पेटल्स समेत छह कंपनियों ने गुमराह करने वाले लेबल, दावों और विज्ञापनों के लिए जारी नोटिस के बाद अपनी गलतियां सुधार ली हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट में, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने लोगों को नियामक द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद एफबीओ (खाद्य व्यवसाय परिचालकों) द्वारा किए गए सुधारात्मक कदमों के बारे में जानकारी दी।
इन छह कंपनियों में- लोटे इंडिया कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड, डाबर इंडिया, फर्न्स एन पेटल्स प्राइवेट लिमिटेड, ईट बेटर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, एस एस प्रोडक्ट प्रोप और ओम साई हेल्थकेयर शामिल हैं।
नियामक ने पोस्ट में कहा, ‘‘एफएसएसएआई से नोटिस मिलने के बाद, प्रमुख एफबीओ ने तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए हैं। इन कदमों में गुमराह करने वाले लेबल दावों को हटाना और ग्राहकों की सुरक्षा व नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उत्पाद की पैकेजिंग में बदलाव करना शामिल है।’’
डाबर के मामले में, एफएसएसएआई ने कहा कि कंपनी आयुर्वेदिक प्रोप्राइटरी चिकित्सकीय तेल को खाने वाले तेल के तौर पर बेच रही थी।
नियामक ने कहा, ‘‘डाबर ने जानकारी दी है कि कंपनी ने सभी ई-कॉमर्स मंच को निर्देश दिया है कि वे उत्पादों को आयुर्वेदिक प्रोप्राइटरी मेडिसिन की सही श्रेणी में सूचीबद्ध करें। साथ ही, कंपनी अपनी वेबसाइट पर भी उत्पाद को सही श्रेणी में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया में है, क्योंकि यह उत्पाद एफएसएसएआई के दायरे में नहीं आएगा।’’
लोटे इंडिया ने लेबल से 100 प्रतिशत वाले दावे हटा दिए हैं। फर्न्स एन पेटल्स के मामले में, एफएसएसएआई ने कहा कि कई उल्लंघन हुए थे, जिनमें गुमराह करने वाले लेबल भी शामिल थे।
चॉकलेट उत्पाद में कोको बटर की जगह हाइड्रोजनीकृत वनस्पति वसा का इस्तेमाल किया गया था। नियमों के अनुसार, कोको बटर के अलावा वनस्पति वसा वाली चॉकलेट पर मोटे अक्षरों में यह जानकारी होनी चाहिए- ‘‘कोको बटर के अलावा कोको बटर के बराबर वनस्पति वसा शामिल है।’’
इसके अलावा, न्यूट्रिशनल जानकारी तालिका में आरडीए (अनुशंसित आहार भत्ता) प्रतिशत वैल्यू नहीं बताई गई थी। उत्पाद को बादाम चॉकलेट के तौर पर बेचा जा रहा था और लेबल पर बादाम की तस्वीरें थीं।
फर्न्स एन पेटल्स ने बताया कि ‘‘सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं और ‘कारण बताओ नोटिस’ के अनुसार भुने बादाम चॉकलेट समेत सभी दूसरे उत्पादों के लेबल ठीक कर दिए गए हैं।’’
ईट बेटर वेंचर्स ने तुलनात्मक दावे और वीगन दावे हटा दिए हैं, जबकि ओम साई हेल्थकेयर अपने विपणन सामग्री और वेबसाइट के सामग्री में बदलाव कर रही है।
ओम साई हेल्थकेयर ने एफएसएसएआई को यह भरोसा भी दिलाया कि वह भविष्य में गुमराह करने वाले विज्ञापन और दावे नहीं करेगी।
एफएसएसएआई ने कहा कि ‘‘नियामकीय निगरानी’’ से खाद्य उद्योग में जवाबदेही बढ़ रही है।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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