टाटा संस की एजीएम कोरम पूरा न होने के कारण स्थगित
टाटा संस की एजीएम कोरम पूरा न होने के कारण स्थगित
मुंबई, 18 अगस्त (भाषा) एक अरब 80 करोड़ डॉलर कारोबार वाले टाटा समूह की मूल कंपनी टाटा संस की मंगलवार को निर्धारित वार्षिक आम बैठक (एजीएम) कोरम पूरा नहीं होने के कारण स्थगित करनी पड़ी। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने कहा कि सर रतन टाटा ट्रस्ट (एसआरटीटी) और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (एसडीटीटी) संयुक्त रूप से बैठक के लिए अपना प्रतिनिधि नामित नहीं कर सके, जिसके कारण बैठक के लिए जरूरी न्यूनतम संख्या (कोरम) पूरी नहीं हो सकी और बैठक स्थगित करनी पड़ी।
एक सदी से अधिक समय में यह पहला मौका है जब टाटा संस की एजीएम इस तरह स्थगित हुई है।
एसआरटीटी और एसडीटीटी व्यापक टाटा ट्रस्ट समूह की दो प्रमुख संस्थाएं हैं। इन दोनों की टाटा संस में सम्मिलित रूप से 51 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है।
एसआरटीटी पर महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर ने कोई बड़ा निर्णय लेने या बैठक करने से रोक लगाई हुई है। इस वजह से एसआरटीटी एजीएम के लिए अपना प्रतिनिधि नामित नहीं कर सका।
एसआरटीटी के सामने मौजूद समस्याओं के बावजूद टाटा संस ने मंगलवार की एजीएम को पहले से पुनर्निर्धारित या स्थगित नहीं किया था। इसके अलावा एजीएम स्थगित होने के बाद भी अगली बैठक की तारीख को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।
टाटा संस के आंतरिक नियमों के अनुच्छेद 86 के मुताबिक, एजीएम में कम-से-कम पांच सदस्यों की व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी है। इसमें एसआरटीटी और एसडीटीटी द्वारा संयुक्त रूप से नामित प्रतिनिधि भी शामिल है, बशर्ते दोनों ट्रस्ट की संयुक्त हिस्सेदारी कम-से-कम 40 प्रतिशत हो।
यह एजीएम महत्वपूर्ण थी क्योंकि इसमें टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के निदेशक पद पर बने रहने पर विचार होना था। चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को कहा था कि वह अगले साल फरवरी में कार्यकाल समाप्त होने के बाद पुनर्नियुक्ति के लिए विचार किए जाने के इच्छुक नहीं हैं।
बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी के एकल एवं एकीकृत वित्तीय परिणामों को मंजूरी देने तथा पिछले वित्त वर्ष के लिए सामान्य शेयरों पर लाभांश घोषित करने पर भी विचार होना था।
सूत्रों ने कहा कि चंद्रशेखरन और अनिता जॉर्ज एजीएम से पहले दक्षिण मुंबई स्थित टाटा समूह के मुख्यालय बॉम्बे हाउस पहुंच गए थे, जबकि टाटा ट्रस्ट के नामित निदेशक नोएल टाटा बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए।
चंद्रशेखरन शाम 4.30 बजे तक बॉम्बे हाउस में मौजूद रहे लेकिन बाहर निकलते वक्त उन्होंने संवाददाताओं के साथ कोई बातचीत नहीं की।
चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को अपने बयान में कहा था कि टाटा संस के एक निदेशक ने उनकी पुनर्नियुक्ति का विरोध किया था और आम सहमति नहीं बनने के कारण उन्होंने दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला लिया है।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय

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