Retirement Age Hike 2026 Latest News: बढ़ने वाली है रिटायरमेंट की उम्र!.. यहाँ की सरकार ने पेश किया संविधान संशोधन विधेयक, जानें क्या होगी सेवानिवृत्ति की नई उम्र
श्रीलंका सरकार ने न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति उम्र बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया, जिसका विपक्ष और बार एसोसिएशन विरोध कर रहे हैं।
Retirement Age Hike 2026 Latest News || Image- Live Law File
- सुप्रीम कोर्ट जजों की उम्र 67 साल होगी
- अपीलीय जजों की उम्र 65 साल होगी
- विपक्ष ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए
कोलंबो: श्रीलंका सरकार ने विभिन्न राजनीतिक दलों और बार एसोसिएशन के विरोध के बावजूद मंगलवार को न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश कर दिया। (Retirement Age Hike 2026 Latest News) न्याय और राष्ट्रीय एकता मंत्री हर्षना नानायक्कारा ने संविधान संशोधन विधेयक यानी 22वां संशोधन संसद में पेश किया। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति उम्र 65 से बढ़ाकर 67 वर्ष करने का प्रस्ताव है। वहीं, अपीलीय अदालत के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति उम्र 63 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की बात कही गई है।
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इसके अलावा सरकार ने न्यायिक व्यवस्था (संशोधन) विधेयक भी पेश किया है, जिसमें अन्य अदालतों के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति उम्र बढ़ाने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
11 लाख से अधिक मामले लंबित
सरकार का तर्क है कि श्रीलंका की अदालतों में 11 लाख से अधिक मामले लंबित हैं। ऐसे में न्यायाधीशों की सेवा अवधि बढ़ाना जरूरी है, ताकि लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाई जा सके। हालांकि, सरकार के इस फैसले का श्रीलंका बार एसोसिएशन, ज्यूडिशियल सर्विस एसोसिएशन और कॉमनवेल्थ लॉयर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने विरोध किया है।
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विपक्ष ने बताया न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला
विपक्षी राजनीतिक दलों और कुछ बौद्ध धर्मगुरुओं ने भी प्रस्तावित संशोधनों का विरोध किया है। विपक्ष का आरोप है कि ये विधेयक श्रीलंका की न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा हमला हैं। (Retirement Age Hike 2026 Latest News) विपक्षी दलों का कहना है कि न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति उम्र बढ़ाने से कार्यपालिका, विशेष रूप से राष्ट्रपति को न्यायपालिका के कामकाज में हस्तक्षेप करने की अधिक शक्ति मिल सकती है। अब विपक्ष के पास इस संविधान संशोधन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए दो सप्ताह का समय है।
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