डाबर के चौथी तिमाही का मुनाफ़ा 15.75 प्रतिशत बढ़कर 362 करोड़ रुपये पर
डाबर के चौथी तिमाही का मुनाफ़ा 15.75 प्रतिशत बढ़कर 362 करोड़ रुपये पर
नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) देश की प्रमुख रोजमर्रा के उपभोग का सामान (एफएमसीजी) बनाने वाली कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड का वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में एकीकृत शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.75 प्रतिशत बढ़कर 362 करोड़ रुपये हो गया है। यह बढ़ोतरी कंपनी के सभी खंड में अच्छे प्रदर्शन की वजह से हुई।
कंपनी ने शेयर बाजारों को यह जानकारी दी। इससे पिछले वित्त वर्ष की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 312.73 करोड़ रुपये था।
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व 7.34 प्रतिशत बढ़कर 3,038.02 करोड़ रुपये हो गया, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 2,830.14 करोड़ रुपये था।
मार्च तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 2,738.37 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले सात प्रतिशत अधिक है।
डाबर इंडिया की कुल आय सालाना आधार पर 8.13 प्रतिशत बढ़कर 3,213.05 करोड़ रुपये हो गई।
कंपनी का एकल राजस्व (जो मुख्य रूप से घरेलू कारोबार से आता है) भी इस तिमाही में 8.5 प्रतिशत बढ़कर 2,131.71 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी ने कहा, ‘‘इस तिमाही में भारत के एफएमसीजी कारोबार का परिचालन मुनाफा 12.5 प्रतिशत बढ़ा। यह दिखाता है कि घरेलू एफएमसीजी कारोबार में कंपनी का काम बहुत मज़बूत रहा और व्यावसाय आकार में भी छह प्रतिशत की अच्छी बढ़ोतरी हुई।’’
पश्चिम एशिया में कुछ मुश्किलों का सामना करने के बावजूद, इस तिमाही में डाबर के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
एफएमसीजी कंपनी के पास डाबर च्यवनप्राश, डाबर हनी, डाबर हनीटस, पुदीनहरा, लाल तेल, डाबर आंवला, डाबर रेड पेस्ट और रियल जैसे ब्रांड हैं। कंपनी अपनी 25 प्रतिशत से ज़्यादा कमाई वैश्विक बाजारों से करती है।
परिणामों पर टिप्पणी करते हुए कंपनी के वैश्विक मुख्य कार्यपालक अधिकारी मोहित मल्होत्रा ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच माल ढुलाई की लागत बढ़ी और कुछ खास बाजारों में ग्राहकों की मांग पर असर पड़ा। डाबर ने इस मुश्किल माहौल में भी अच्छा काम किया।’’
इस बीच, डाबर इंडिया ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि उसके निदेशक मंडल ने बृहस्पतिवार को हुई एक बैठक में, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एक रुपये के अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 5.50 रुपये का अंतिम लाभांश देने की सिफ़ारिश की है।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

Facebook


