डेटा सेंटर क्षेत्र से 2030 तक करीब 4.3 लाख रोजगार का सृजन, घरों की मांग बढ़ेगीः रिपोर्ट

डेटा सेंटर क्षेत्र से 2030 तक करीब 4.3 लाख रोजगार का सृजन, घरों की मांग बढ़ेगीः रिपोर्ट

डेटा सेंटर क्षेत्र से 2030 तक करीब 4.3 लाख रोजगार का सृजन, घरों की मांग बढ़ेगीः रिपोर्ट
Modified Date: August 3, 2026 / 08:28 pm IST
Published Date: August 3, 2026 8:28 pm IST

नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) देश के प्रमुख शहरों में डेटा सेंटर खुलने से करीब 4.3 लाख प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है जिससे वर्ष 2030 तक 19.5 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र की आवासीय मांग भी पैदा होगी। सोमवार को एक रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई।

रियल एस्टेट सलाहकार फर्म स्क्वायर यार्ड्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का तेजी से बढ़ता डेटा सेंटर परिवेश आने वाले वर्षों में घरों की मांग बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभाएगा।

रिपोर्ट वर्ष 2030 तक 250 से अधिक डेटा सेंटर स्थापित किए जाने की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहती है कि करीब 9,030 मेगावाट क्षमता के इन केंद्रों से करीब 4.33 लाख रोजगार पैदा हो सकते हैं जिससे 19.5 करोड़ वर्ग फुट की आवासीय मांग भी पैदा होगी।

इनमें से 27,000 लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा जबकि 4.06 लाख से अधिक लोग सहयोगी भूमिकाओं में काम करेंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, डेटा सेंटर बिजली अवसंरचना, फाइबर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान और सहयोगी सेवाओं में निवेश आकर्षित कर मूल्य सृजित करते हैं।

स्क्वायर यार्ड्स के सह-संस्थापक एवं मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी विवेक अग्रवाल ने कहा, ‘‘दशकों तक भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र की वृद्धि राजमार्गों, औद्योगिक गलियारों, हवाई अड्डों और आईटी पार्क से प्रभावित रही है। अब डेटा सेंटर इस कहानी को अगले चरण में लेकर जा रहे हैं।’’

उन्होंने उम्मीद जताई कि डेटा सेंटर आने वाले वर्षों में शहरों के विस्तार को परिभाषित करने वाले प्रमुख ढांचागत पहलू साबित होंगे।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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