दिल्ली की अदालत ने दवा कंपनी को मिलते-जुलते ट्रेडमार्क के उपयोग से रोका

दिल्ली की अदालत ने दवा कंपनी को मिलते-जुलते ट्रेडमार्क के उपयोग से रोका

दिल्ली की अदालत ने दवा कंपनी को मिलते-जुलते ट्रेडमार्क के उपयोग से रोका
Modified Date: August 23, 2026 / 05:48 pm IST
Published Date: August 23, 2026 5:48 pm IST

नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने हैदराबाद की एक दवा कंपनी को ‘उड़ान’ या इससे मिलते-जुलते किसी भी ट्रेडमार्क का उपयोग करने से स्थायी रूप से रोक दिया है। अदालत ने फैसला सुनाया कि ऐसा करना आरएसपीएल हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसने पहले ही अपने ट्रेडमार्क ‘उड़ान’ का पंजीकरण कराया था।

जिला न्यायाधीश पंकज शर्मा ने 13 अगस्त के एकपक्षीय फैसले में कहा कि प्रतिवादी सैनस फार्मास्युटिकल प्राइवेट लिमिटेड ने ‘Udaan’ ट्रेडमार्क का उपयोग इस तरह किया जो वादी (आरएसपीएल) के पंजीकृत ट्रेडमार्क ‘Udan’ के ”समान और भ्रामक रूप से मिलता-जुलता” था।

अदालत ने कहा कि ‘घड़ी’ डिटर्जेंट जैसे ब्रांड्स के लिए जानी जाने वाली आरएसपीएल हेल्थ के अनुसार, उसने 2007 में सेनेटरी नैपकिन के सामान और व्यवसाय के संबंध में ‘Udan’ ट्रेडमार्क या लेबल अपनाया था और सैनस फार्मा के ‘Udaan’ मार्क ने उक्त ट्रेडमार्क में उसके मालिकाना अधिकारों का उल्लंघन किया है।

आरएसपीएल ने कहा, ”प्रतिवादी (सैनस) न केवल खुदरा बिक्री कर रहा है, बल्कि विवादित ट्रेडमार्क वाले इन सामानों की आपूर्ति नयी दिल्ली के कई अन्य डीलरों, दुकानदारों, खुदरा विक्रेताओं को भी कर रहा है, जो दिल्ली के बाजारों जैसे संसद मार्ग, कनॉट प्लेस, बाराखंभा, चाणक्यपुरी, गोल मार्केट, बंगाली मार्केट आदि में अनजान उपभोक्ताओं को गुपचुप तरीके से इनकी बिक्री कर रहे हैं।”

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रतिवादी अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ, इसलिए वादी के दावे बिना किसी खंडन और चुनौती के निर्विवाद रहे।

अदालत ने कहा, ”वादी ने यह साबित कर दिया कि प्रतिवादी ने उक्त ट्रेडमार्क का उल्लंघन किया और धोखाधड़ी से मिलते-जुलते उत्पाद बेचने का भी अपराध किया है। इसलिए, इसमें कोई संदेह नहीं है कि वादी प्रतिवादी द्वारा भ्रामक रूप से मिलते-जुलते किसी अन्य मार्क के उपयोग पर स्थायी रोक का हकदार है।”

स्थायी रोक के अलावा, अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जब्त किए गए सभी नकली उत्पाद और उल्लंघनकारी सामग्री – जिसमें पैकेजिंग, डाई और नकली मार्क वाले ब्लॉक शामिल हैं – को नष्ट करने के लिए आरएसपीएल हेल्थ को सौंप दिए जाएं।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय


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