संकट को अवसर में बदलने वाली पांच भारतीय कंपनियों की कहानी बताएगी नई किताब
संकट को अवसर में बदलने वाली पांच भारतीय कंपनियों की कहानी बताएगी नई किताब
नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) कैसे पांच भारतीय कंपनियों ने संकट और उथल-पुथल को लंबे समय तक टिके रहने तथा लगातार वृद्धि के अवसर में बदल दिया… एक नई किताब, ‘द आर्ट ऑफ एंड्योरिंग: हाउ ग्रेट कंपनीज टर्न क्राइसिस इनटू अपॉर्चुनिटी’ में इस बारे में विस्तार से बताया गया है।
लेखक और निवेशक सौरभ मुखर्जी तथा सलिल देसाई द्वारा लिखी यह पुस्तक बताती है कि कैसे भारत की कुछ प्रमुख कंपनियों ने 2015 और 2025 के बीच नोटबंदी, जीएसटी लागू होने, कोविड-19 महामारी, व्यापार युद्ध और वैश्विक आपूर्ति-शृंखला व्यवधानों सहित कई बड़ी अड़चनों का सफलतापूर्वक सामना किया।
यह पुस्तक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के ‘बिजनेस’ इंप्रिंट के तहत 14 सितंबर को जारी होने वाली है।
लेखकों ने बयान में कहा, ‘‘हमने पांच ऐसी भारतीय कंपनियों के कामकाज को समझाया है, जिन्होंने शक्तिशाली फ्रेंचाइजी बनाने के लिए विकट परिस्थितियों पर सफलतापूर्वक काबू पाया है।’’
मुखर्जी और देसाई ने अपना विश्लेषण भारत की 500 सबसे बड़ी कंपनियों के साथ शुरू किया और ऐसे व्यवसायों की पहचान की, जिन्होंने डेढ़ दशक में सालाना 15 प्रतिशत से अधिक पूंजी पर प्रतिफल (आरओसीई) हासिल करते हुए देश की जीडीपी वृद्धि दर को पीछे छोड़ दिया।
अंतिम सूची में जिन पांच कंपनियों ने जगह बनाई, उनमें बजाज फाइनेंस, टाइटन, डॉ. लाल पैथलैब्स, डिवीज लैबोरेटरीज और टाटा एलेक्सी शामिल हैं।
इन पांच कंपनियों के माध्यम से लेखक उन प्रणालियों, संस्कृतियों, नेतृत्व के निर्णयों, नवाचारों और रणनीतिक संपत्तियों की पड़ताल करते हैं जो महान व्यवसायों को अपने चारों ओर की दुनिया बदलते रहने के बावजूद लगातार तेजी से आगे बढ़ने में मदद करते हैं।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

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