चीन की फैक्टरी गतिविधियों में मार्च में सुधार के बावजूद ईरान युद्ध से वृद्धि पर असर की आशंका

चीन की फैक्टरी गतिविधियों में मार्च में सुधार के बावजूद ईरान युद्ध से वृद्धि पर असर की आशंका

चीन की फैक्टरी गतिविधियों में मार्च में सुधार के बावजूद ईरान युद्ध से वृद्धि पर असर की आशंका
Modified Date: March 31, 2026 / 09:58 am IST
Published Date: March 31, 2026 9:58 am IST

हांगकांग, 31 मार्च (एपी) चीन की फैक्टरी गतिविधि मार्च में बढ़ी जिससे लगातार दो महीने से जारी गिरावट का दौर खत्म हो गया। हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि ईरान युद्ध के दीर्घकालिक प्रभाव से आर्थिक वृद्धि पर दबाव पड़ सकता है।

सरकार ने मंगलवार को बताया कि आधिकारिक विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) फरवरी के 49 से बढ़कर मार्च में 50.4 हो गया। यह अर्थशास्त्रियों के अनुमान से बेहतर है और एक वर्ष में सबसे मजबूत स्तर है।

क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से और 50 से कम का आशय संकुचन से होता है।

ताजा आधिकारिक आंकड़े हालांकि उस अवधि को भी शामिल करते हैं जब 28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू हो चुका था, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि ऊर्जा कीमतों में तेज वृद्धि के प्रभाव अभी पूरी तरह सामने नहीं आए हैं।

फ्रांसीसी बैंक बीएनपी परिबास में चीन की मुख्य अर्थशास्त्री जैकलीन रोंग ने कहा, ‘‘ अब तक आपूर्ति में व्यवधान बड़े स्तर पर नहीं हुआ है। ’’

ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा की लागत बढ़ने एवं आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान उत्पन्न होने से चीन के निर्यात तंत्र को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि अधिकतर समुद्री यातायात होर्मुज जलडमरूमध्य से आता है जहां अभी अवरुद्ध कायम है। होर्मुज जलडमरूमध्य से सामान्यतः विश्व के तेल का करीब पांचवा हिस्सा गुजरता है।

एपी निहारिका

निहारिका


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