डीजीसीए ने इंडिगो मामले में ‘बहुत मामूली’ कार्रवाई कीः पायलट संगठन

डीजीसीए ने इंडिगो मामले में 'बहुत मामूली' कार्रवाई कीः पायलट संगठन

डीजीसीए ने इंडिगो मामले में ‘बहुत मामूली’ कार्रवाई कीः पायलट संगठन
Modified Date: January 19, 2026 / 03:31 pm IST
Published Date: January 19, 2026 3:31 pm IST

मुंबई, 19 जनवरी (भाषा) पायलट संगठन एफआईपी ने दिसंबर में बड़े पैमाने पर उड़ानें बाधित होने के मामले में इंडिगो एयरलाइन पर विमानन नियामक डीजीसीए द्वारा लगाए गए 22.20 करोड़ रुपये के जुर्माने को ‘बहुत ही मामूली’ करार देते हुए सोमवार को इसकी कड़ी आलोचना की।

भारतीय पायलट महासंघ (एफपीआई) ने कहा कि यात्रियों और विमानों की सुरक्षा से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जा सकता है। उसने उड़ानों को रद्द करने की अवधि पर डीजीसीए की जांच को लेकर भी सवाल उठाए।

डीजीसीए ने शनिवार को विस्तृत जांच के बाद दिसंबर के शुरुआती दिनों में हजारों उड़ानें रद्द करने के लिए इंडिगो पर कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।

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इसके साथ ही एयरलाइन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीटर एल्बर्स और मुख्य परिचालन अधिकारी इसिद्रे प्रोक्वेरस को चेतावनी दी गई, जबकि परिचालन नियंत्रण केंद्र (ओसीसी) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेसन हर्टर को मौजूदा पद से हटाने का भी आदेश दिया गया।

डीजीसीए ने अपनी जांच में पाया कि तीन से पांच दिसंबर के बीच इंडिगो की कुल 2,507 उड़ानें रद्द होने और 1,852 उड़ानों के संचालन में देरी होने से देशभर के हवाई अड्डों पर तीन लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए।

नियामक ने पांच दिसंबर, 2025 से 10 फरवरी,2026 तक 68 दिनों की अवधि में निर्देशों का अनुपालन न करने के लिए एयरलाइन पर 20.40 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया, जो प्रतिदिन 30 लाख रुपये के हिसाब से है।

इस जुर्माने को बहुत मामूली बताते हुए एफआईपी अध्यक्ष जी. एस. रंधावा ने पीटीआई-भाषा से कहा कि यह कार्रवाई मजाक जैसी है।

उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय स्तर की इतनी बड़ी अव्यवस्था के बावजूद सिर्फ चेतावनी दी गई और एक अधिकारी को हटाया गया। संसद में नागर विमानन मंत्री ने कड़ी कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन सिर्फ चेतावनी देना ही कड़़ी कार्रवाई है।’

इसके साथ ही रंधावा ने इंडिगो की उड़ानें रद्द होने की अवधि को सिर्फ तीन-पांच दिसंबर तक रखे जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उड़ान रद्दीकरण दो दिसंबर से 15 दिसंबर तक चला था।

एफआईपी ने अमेरिका के परिवहन विभाग का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने दिसंबर 2022 में उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के उल्लंघन पर साउथवेस्ट एयरलाइंस पर 14 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया था, जिसे प्रभावित यात्रियों में बांटा गया।

पायलट संगठन ने यह भी कहा कि उड़ान ड्यूटी समय सीमा (एफडीटीएल) जैसे सुरक्षा मानकों की जगह जुर्माना नहीं ले सकता है क्योंकि ये सीधे तौर पर यात्रियों और उड़ान सुरक्षा से जुड़े हैं।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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