डीएएमईपीएल ने अदालत से कहा, डीएमआरसी की देरी से हर दिन करदाताओं से 1.75 करोड़ रुपये का नुकसान
डीएएमईपीएल ने अदालत से कहा, डीएमआरसी की देरी से हर दिन करदाताओं से 1.75 करोड़ रुपये का नुकसान
नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (डीएएमईपीएल) ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) जानबूझकर 4,600 करोड़ रुपये से अधिक के मध्यस्थ फैसले के निष्पादन में देरी करने की कोशिश कर रहा है, जिससे करदाताओं को हर दिन लगभग 1.75 करोड़ रुपये का ब्याज चुकाना पड़ रहा है।
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की सहायक कंपनी ने उच्च न्यायालय में चल रही निष्पादन कार्रवाई में एक याचिका दायर कर कहा कि डीएमआरसी ‘‘सिर्फ 1642.69 करोड़ रुपये के संबंध में बैंक खाते का सीमित विवरण देकर’’ पूरी प्रक्रिया को निष्फल बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि उसे अपने सभी बैंक खातों का ब्यौरा देने का निर्देश है।
याचिका में दावा किया गया कि डीएमआरसी ने दिसंबर में दायर एक हलफनामे में 5800.93 करोड़ रुपये के ‘‘कुल उपलब्ध धन’’ का खुलासा किया।
इससे पहले मध्यस्थता पंचाट ने डीएमआरसी को आदेश दिया था कि वह डीएएमईपीएल को 4,600 करोड़ रुपये का भुगतान करे। इस बारे में डीएमआरसी की तरफ से दायर तमाम याचिकाएं निरस्त हो चुकी हैं। उच्चतम न्यायालय ने भी गत 23 नवंबर को अपने फैसले पर पुनर्विचार की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी।
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की अनुषंगी इकाई डीएएमईपीएल डीएमआरसी की एयरपोर्ट मेट्रो लाइन के विकास से जुड़ी हुई थी। लेकिन बाद में वह संरचनात्मक खामियों का हवाला देते हुए इससे अलग हो गई थी। इसी सौदे की विवादित रकम का भुगतान किया जाना है।
भाषा पाण्डेय मानसी
मानसी

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