घरेलू उत्पाद क्षेत्र प्रकृति अनुकूल रहे तो सालाना 62 अरब डॉलर का कारोबार बढ़ेगाः रिपोर्ट
घरेलू उत्पाद क्षेत्र प्रकृति अनुकूल रहे तो सालाना 62 अरब डॉलर का कारोबार बढ़ेगाः रिपोर्ट
नयी दिल्ली, 12 सितंबर (भाषा) घरेलू इस्तेमाल वाले उत्पाद एवं निजी देखभाल क्षेत्र अगर प्रकृति को अपनी गतिविधियों के केंद्र में रखते हैं, तो वर्ष 2030 तक सालाना कारोबार मूल्य में 62 अरब डॉलर तक की बढ़ोतरी कर सकते हैं। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के एक नए शोध में मंगलवार को यह आकलन पेश किया गया।
डब्ल्यूईएफ ने अपनी शोध रिपोर्ट में कहा कि घरेलू इस्तेमाल और निजी देखभाल क्षेत्र के लिए यह आंकड़ा वर्ष 2030 तक कुल कारोबार 10.1 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचने के अनुमान का ही हिस्सा है। हालांकि, इसके लिए शर्त यही है कि निजी क्षेत्र अधिक संख्या में प्रकृति-अनुकूल उत्पादों की पेशकश करें।
रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू उत्पाद एवं निजी देखभाल क्षेत्र जल प्रबंधन, जिम्मेदार स्रोत, प्रकृति संरक्षण और चक्रीयता पर जोर देकर 2030 तक प्रकृति का नुकसान रोकने में अपनी भूमिका को नया आकार दे सकते हैं।
यह क्षेत्र फिलहाल लगभग 700 अरब डॉलर का सालाना राजस्व पैदा करता है लेकिन कभी इसकी कीमत पर्यावरण को भी चुकानी पड़ती है। मसलन, सिर्फ सौंदर्य प्रसाधन उद्योग ही हर साल पैकेजिंग के लिए 120 अरब इकाइयों का उत्पादन करता है।
इसके अलावा तमाम सौंदर्य प्रसाधन एवं डिटर्जेंट उत्पादों में इस्तेमाल होने वाला पाम तेल का वर्ष 2000 से लेकर 2018 के दौरान जंगलों की वैश्विक कटाई में सात प्रतिशत हिस्सा रहा।
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के इस अध्ययन में प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाली इन गतिविधियों पर लगाम लगाने का अनुरोध करते हुए कहा गया है कि इससे उत्सर्जन एवं प्रदूषण में कमी आने के साथ कारोबार वृद्धि में भी मदद मिलेगी।
घरेलू इस्तेमाल एवं निजी देखभाल क्षेत्र में होने वाले प्लास्टिक उत्पादन से ग्रीनहाउस गैस का 3.4 प्रतिशत वैश्विक उत्सर्जन होता है।
इस रिपोर्ट में उद्योग जगत से प्लास्टिक का दोबारा इस्तेमाल बढ़ाने के लिए पहल करने का सुझाव भी दिया गया है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय


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