ई-जागृति मंच राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार से सम्मानित

ई-जागृति मंच राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार से सम्मानित

ई-जागृति मंच राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार से सम्मानित
Modified Date: June 7, 2026 / 08:17 pm IST
Published Date: June 7, 2026 8:17 pm IST

नयी दिल्ली, सात जून (भाषा) उपभोक्ता मामलों के विभाग के ई-जागृति मंच को सरकारी प्रक्रिया पुनर्गठन श्रेणी में ‘राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार (एनएईजी)-2026’ के तहत ‘रजत पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है।

पोर्टल को यह पुरस्कार अपने पहले पूर्ण वित्तीय वर्ष में बेहतर परिचालन प्रदर्शित करने पर मिला है।

इस पुरस्कार के लिए केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों से 341 नामांकन प्राप्त हुए थे, जिसमें से ई-जागृति मंच को चयनित किया गया।

ई-जागृति मंच की शुरुआत एक जनवरी, 2025 को हुई थी। मंच की शुरुआत के बाद से अब तक इसके माध्यम से 2,29,174 उपभोक्ता मामले दर्ज किए गए, जिसमें से 2,07,997 मामलों का निपटारा किया गया। इससे कुल निपटान दर 90.75 प्रतिशत रही।

इस मंच ने चार पुरानी प्रणालियों – ओसीएमएस, ई-दाखिल, एनसीडीआरसी की सीएमएस और कॉन्फोनेट – को एकीकृत करते हुए एकल कागजरहित डिजिटल मंच उपलब्ध कराया है।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में निपटान दर सुधार के साथ 92.30 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष के 89.47 प्रतिशत थी। इसके साथ ही वर्चुअल सुनवाई की संख्या में भी लगभग चार गुना वृद्धि हुई, जो 24,181 से बढ़कर 87,083 हो गई।

ईमेल प्राप्त होने की संख्या में भारी वृद्धि हुई, जो 1.98 लाख से बढ़कर 37.35 लाख हो गई, जबकि प्रतिदिन आदेश अपलोड में 17.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 18.77 लाख तक पहुंच गया।

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) और उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक, पंजाब, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, मेघालय तथा अरुणाचल प्रदेश के राज्य आयोगों सहित 10 संस्थाओं ने वर्ष में 100 प्रतिशत से अधिक निपटान दर दर्ज की – यह दर्शाता है कि उन्होंने आने वाले मामलों की तुलना में अधिक लंबित मामलों का निपटारा किया।

इस मंच ने अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के लिए पहुंच का विस्तार किया है, जिससे वे भारत वापस आए बिना शिकायत दर्ज करा सकते हैं तथा 3,312 अनिवासी भारतीय पंजीकृत हैं और 751 शिकायतें दर्ज की गई हैं।

भाषा यासिर संतोष

संतोष

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