हरियाणा मंत्रिमंडल ने आवास, ईवी, एमएसएमई, शासन सुधारों को मंजूरी दी

हरियाणा मंत्रिमंडल ने आवास, ईवी, एमएसएमई, शासन सुधारों को मंजूरी दी

हरियाणा मंत्रिमंडल ने आवास, ईवी, एमएसएमई, शासन सुधारों को मंजूरी दी
Modified Date: July 28, 2026 / 08:01 pm IST
Published Date: July 28, 2026 8:01 pm IST

चंडीगढ़, 28 जुलाई (भाषा) हरियाणा मंत्रिमंडल ने मंगलवार को किफायती आवास की उपलब्धता बढ़ाने, उद्योगों को गति देने, शासन में सुधार करने, कल्याणकारी उपायों को मजबूत करने और इलेक्ट्रिक वाहन को प्रोत्साहित करने से संबंधित कई फैसलों को मंजूरी दी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने ‘प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0’ के लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए 60 वर्ग मीटर तक के पात्र आवासीय इकाइयों को खरीदने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लाभार्थियों के लिए स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में कटौती को मंजूरी दी।

इसके तहत पात्र लाभार्थियों को प्रति हस्तांतरण विलेख केवल 500 रुपये स्टाम्प शुल्क और 500 रुपये पंजीकरण शुल्क का भुगतान करना होगा। इस समय ऐसे मामलों में दो प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क के साथ पांच प्रतिशत स्टाम्प शुल्क वसूला जाता है, जबकि पंजीकरण शुल्क स्लैब के आधार पर लगाया जाता है।

सरकार ने कहा कि इस कदम से लाभार्थियों पर वित्तीय बोझ कम होगा और सभी के लिए आवास मिशन को सहायता मिलेगी।

मंत्रिमंडल ने हरियाणा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2006 में संशोधन के माध्यम से रेवाड़ी में कुसुम अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए एक विधेयक को भी मंजूरी दी।

मंत्रिमंडल ने मसौदा हरियाणा स्थानीय लेखा परीक्षा विधेयक, 2026 को मंजूरी दी। सरकार ने हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीति 2026 का भी अनावरण किया। इस नीति के तहत विनिर्माण क्षेत्र में 55,000 करोड़ रुपये जुटाने, पांच लाख से अधिक नौकरियां पैदा करने और अगले पांच वर्षों में राज्य के निर्यात को दोगुना करने के उद्देश्य से 60 पहल शामिल हैं।

मंत्रिमंडल ने पुलिस हिरासत में अस्वाभाविक कारणों से मरने वाले व्यक्तियों के कानूनी वारिसों के लिए 7.5 लाख रुपये के मुआवजे को भी मंजूरी दी।

स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए, मंत्रिमंडल ने 30 लाख रुपये तक की कीमत वाले नए इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों पर मोटर वाहन कर से 100 प्रतिशत छूट को मंजूरी दी। साथ ही 30 लाख रुपये से अधिक लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहन पर 50 प्रतिशत कर छूट मिलेगी, जबकि सीएनजी वाहनों के लिए मौजूदा 20 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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