इंडिगो ने कहा, 2026-27 में विमानन क्षेत्र भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील
इंडिगो ने कहा, 2026-27 में विमानन क्षेत्र भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील
नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो का मानना है चालू वित्त वर्ष में भारतीय विमानन क्षेत्र भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है। कंपनी ने कहा कि साथ ही विदेशी मुद्रा विनिमय दरें एयरलाइन के लागत ढांचे के लिए महत्वपूर्ण जोखिम बनी हुई हैं।
वर्ष 2025-26 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में इंडिगो ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण हवाई क्षेत्र पर कई बार प्रतिबंध लगे हैं, जिससे कुछ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर परिचालन लागत बढ़ गई है।
एयरलाइन ने कहा, ‘‘इन चुनौतियों के कारण उड़ानों के समय में व्यवधान या सेवाओं का अस्थायी निलंबन भी हो सकता है।’’
इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है और जून में घरेलू बाजार में इसकी हिस्सेदारी 66.3 प्रतिशत थी। यह एयरलाइन अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भी विस्तार कर रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय विमानन क्षेत्र का नजरिया भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है।’’
रिपोर्ट में इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने कहा कि ईंधन का किसी भी एयरलाइन के लिए लागत का सबसे बड़ा हिस्सा होता है और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उतार-चढ़ाव से परिचालन संबंधी महत्वपूर्ण अनिश्चितता बनी रहती है।
उन्होंने आगे कहा कि एक साल से अधिक समय से हवाई क्षेत्र के बंद होने से भारतीय विमानन क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि विमान निर्माण, इंजन की उपलब्धता, रखरखाव और पुर्जों की आपूर्ति को प्रभावित करने वाले आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों ने वैश्विक स्तर पर एयरलाइन कंपनियों की विस्तार योजनाओं पर दबाव डाला है।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

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