अर्थव्यवस्था उम्मीद से अधिक तेजी से पटरी पर लौट रही है : जावड़ेकर

अर्थव्यवस्था उम्मीद से अधिक तेजी से पटरी पर लौट रही है : जावड़ेकर

अर्थव्यवस्था उम्मीद से अधिक तेजी से पटरी पर लौट रही है : जावड़ेकर
Modified Date: November 29, 2022 / 08:04 pm IST
Published Date: November 4, 2020 12:06 pm IST

नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि अर्थव्यवस्था उम्मीद से अधिक तेजी से पटरी पर लौट रही है।

जावड़ेकर ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में बिजली की मांग में वृद्धि और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए कहा कि अब अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘रेलवे की माल ढुलाई से प्राप्ति में वृद्धि, ऊंचा जीएसटी संग्रह, बिजली की मांग में बढ़ोतरी और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के प्रवाह में सुधार से संकेत मिलता है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन बेहतर रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था उम्मीद से अधिक तेजी से पटरी पर लौट रही है।’’

जावड़ेकर ने कहा कि अच्छी बारिश की वजह से कृषि क्षेत्र की बिजली खपत कम रही है। वहीं रेलवे की बिजली खपत भी अभी कम है। इसके बावजूद बिजली की कुल मांग में सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘बिजली की मांग में 12 प्रतिशत की वृद्धि से पता चलता है कि उत्पादन क्षेत्र की स्थिति अब पूरी तरह सामान्य हो चुकी है। ’’

चालू वित्त वर्ष की पहली अप्रैल-जून की तिमाही में कोरोना वायरस महामारी की वजह से लागू लॉकडाउन के चलते सकल घरेलू उत्पाद (जीडीप़ी) में 23.9 प्रतिशत की जबर्दस्त गिरावट आई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 9.5 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया है।

इससे पहले वित्त सचिव तरुण बजाज ने भी मंगलवार को कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार हो रहा है और जल्द यह पटरी पर आ जाएगी। अक्टूबर में जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 1.05 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

इसी तरह अक्टूबर में 19 प्रतिशत अधिक ई-वे बिल निकाले गए हैं। मूल्य के हिसाब से यह 16.82 लाख करोड़ रहा है। रेलवे की माल ढुलाई सितंबर में 15.5 प्रतिशत और अक्टूबर में 14 प्रतिशत बढ़ी है।

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अगस्त की अवधि में देश में 35.73 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है।

भाषा अजय अजय मनोहर

मनोहर


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