ब्रिटेन के साथ एफटीए को अप्रैल से लागू करने के लिए प्रयास जारीः वाणिज्य सचिव
ब्रिटेन के साथ एफटीए को अप्रैल से लागू करने के लिए प्रयास जारीः वाणिज्य सचिव
नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) भारत और ब्रिटेन इस साल अप्रैल तक द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लागू करने की दिशा में ‘ईमानदार प्रयास’ कर रहे हैं। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को यह बात कही।
अग्रवाल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि दोनों पक्ष इस समझौते को जल्द से जल्द अमल में लाने की दिशा में काम कर रहे हैं और अप्रैल से इसे लागू करने की कोशिशें जारी हैं।
भारत और ब्रिटेन ने 24 जुलाई, 2025 को व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत करीब 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर ब्रिटेन में शून्य शुल्क लगेगा जबकि भारत में कार एवं व्हिस्की जैसे ब्रिटिश उत्पादों पर शुल्क में चरणबद्ध कटौती की जाएगी।
हालांकि, समझौते को लागू करने से पहले ब्रिटिश संसद की मंजूरी लेनी जरूरी है, जबकि भारत में ऐसे समझौतों को केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलती है।
अग्रवाल ने इस समझौते के लागू होने की संभावित समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘कुछ मीडिया रिपोर्ट में इसके अप्रैल में लागू होने की खबरें आई हैं और दोनों पक्ष उस दिशा में प्रयासरत हैं। लेकिन मुझे नहीं पता कि इसी समय तक हो पाएगा या फिर उसके आगे जाएगा। दोनों तरफ से वास्तविक प्रयास है कि यदि संभव हो तो अप्रैल की समयसीमा पूरी की जा सके।’’
वाणिज्य सचिव ने कहा कि लातिनी अमेरिकी देशों के समूह मर्कोसुर के साथ मौजूदा तरजीही व्यापार समझौते (पीटीए) को आगे बढ़ाने पर भी बातचीत जारी है। उन्होंने बताया कि संयुक्त व्यापार समिति की बैठकें हो रही हैं और समझौते के दायरे को बढ़ाकर पूर्ण विकसित समझौते में बदलने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
भारत-मर्कोसुर पीटीए एक जून, 2009 से लागू है और फिलहाल इसमें 450 शुल्क शृंखलाओं को शामिल किया गया है। मर्कोसुर में ब्राजील, अर्जेंटीना, उरुग्वे एवं पराग्वे शामिल हैं।
हालांकि, अग्रवाल ने कहा कि भारत और इजराइल के बीच एफटीए पर वार्ता जारी होने के बावजूद अगले कुछ महीनों में अंतिम परिणाम आने की संभावना कम है। वार्ता की संदर्भ शर्तों पर पिछले वर्ष नवंबर में हस्ताक्षर किए गए थे।
इसके अलावा भारत और कनाडा भी एफटीए के लिए संदर्भ शर्तों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। 2023 में कनाडा द्वारा एफटीए वार्ता रोक दिए जाने के बाद अब दोनों देशों ने बदले वैश्विक व्यापार परिदृश्य के बीच बातचीत नए सिरे से शुरू करने का निर्णय लिया है।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय

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