EGG Prices Today Hike: अंडे की कीमत में आई तेजी, एक दर्जन का रेट हुआ इतना, जानिए क्यों तेजी से बढ़ रहे दाम
EGG Prices Today Hike: अंडे की कीमत में आई तेजी, एक दर्जन का रेट हुआ इतना, जानिए क्यों तेजी से बढ़ रहे दाम
EGG Prices Today Hike: अंडे की कीमत में आई तेजी, एक दर्जन का रेट हुआ इतना, जानिए क्यों तेजी से बढ़ रहे दाम / Image: AI Generated
- देशभर में अंडों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी
- पोल्ट्री फीड महंगी होने से अंडा उत्पादन की लागत बढ़ी
- एक महीने में 15% और सालभर में करीब 40% बढ़ी
नई दिल्ली: EGG Prices Today Hike अंडे को प्रोटीन का अच्छा सोर्स माना जाता है जिसके चलते कई बर डॉक्टर भी बच्चों को अंडा खिलाने की नसीहत देते हैं। वहीं, कई स्कूलों में भी मध्याह्न भोजन में अंडे परोसे जाते थे। लेकिन अब अंडा खाने वालों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। दरअसल देशभर में रोजाना अंडे की कीमत में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि कई शहरों में अंडे के दाम 8.5 से 9 रुपए प्रति नग हो गया है। यानि एक दर्जन अंडे की कीमत अब 100 रुपए के पार पहुंच चुका है। लेकिन सबसे बड़ी बात तो ये है कि अचानक अंडे की कीमत में तेजी क्यों?
अंडे की कीमतों में तेजी से इजाफा
EGG Prices Today Hike मिली जानकारी के अनुसार मुर्गी दाने की कीमतों में तेजी से इजाफा हुआ है, जिसके चलते अंडे के रेट भी बढ़ने लगे हैं। पोल्ट्री कंपनियों का कहना है कि मुर्गियों के चारे में इस्तेमाल होने वाले मक्का, सोयाबीन खली और विदेशों से आने वाले कुछ जरूरी फीड इंग्रीडिएंट्स काफी महंगे हो गए हैं। इसकी एक बड़ी वजह पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष भी है, जिससे आयात और सप्लाई प्रभावित हुई है।
पोल्ट्री फीड हो रही महंगी
नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) के आंकड़ों के अनुसार, हैदराबाद में अंडों की एक्स-फार्म कीमत एक महीने में 15% और पिछले साल के मुकाबले करीब 40% बढ़ गई है। पोल्ट्री कंपनी वेंकटेश्वरा हैचरीज के मुताबिक, मार्च के बाद से पोल्ट्री फीड में इस्तेमाल होने वाली लगभग हर चीज महंगी हुई है। मुर्गियों के चारे का लगभग 55% हिस्सा मक्का होता है, यहां मार्च के बाद 35% से ज्यादा महंगा हो चुका है। सोयाबीन खली की हिस्सेदारी करीब 22% होती है। इसकी कीमत 64% से ज्यादा बढ़ गई है। इसके अलावा, फीड में इस्तेमाल होने वाले जरूरी एमिनो एसिड की कीमत मार्च से अब तक 3.5 गुना बढ़ चुकी है।
एथेनॉल बनाने वाली कंपनियों ने बढ़ाई मुसीबत
मक्का की मांग अब सिर्फ पोल्ट्री उद्योग तक सीमित नहीं है। एथेनॉल बनाने वाली कंपनियां भी बड़ी मात्रा में मक्का खरीद रही हैं। इससे इसकी कीमतों में तेजी आई है। दूसरी ओर, इस साल अनियमित मानसून ने किसानों और उद्योग की चिंता बढ़ा दी है। बारिश समय पर और समान रूप से नहीं होने से खरीफ और रबी फसलों के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। सोयाबीन की कीमत बढ़ने की एक और वजह पिछले साल का कम उत्पादन है। उद्योग के मुताबिक, भारत में पिछले साल सोयाबीन का उत्पादन करीब 20% कम रहा। अगर इस साल भी मानसून कमजोर रहा तो उत्पादन और घट सकता है, जिससे कीमतें और बढ़ सकती हैं।
मुर्गियों के रेट में भी इजाफा
इस साल जून तक पड़ी भीषण गर्मी का असर सिर्फ अंडों पर ही नहीं, बल्कि चिकन पर भी पड़ा। ज्यादा गर्मी के कारण ब्रॉयलर चिकन का उत्पादन घट गया, जिससे बाजार में चिकन की कीमत बढ़ गई। उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, कई शहरों में चिकन का खुदरा भाव 250 से 260 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है।
इन्हें भी पढ़ें:-
- Vande Bharat: विधानसभा में महतारी वंदन योजना पर आर-पार, विपक्ष ने दागे दनादन सवाल, जानिए मंत्री के जवाब पर क्यों हुआ सदन में हंगामा?
- MP Pensioners DRA Latest Update: खत्म हुई ‘महंगाई राहत भत्ता’ की सबसे बड़ी बाधा.. नहीं लेनी पड़ेगी छत्तीसगढ़ सरकार की मंजूरी, आदेश से पेंशनरों में ख़ुशी की लहर..
- No-Confidence Motion in CG Assembly: अविश्वास प्रस्ताव पर देर

Facebook


