बिजली खपत दिसंबर में सात प्रतिशत बढ़कर 138.39 अरब यूनिट पर
बिजली खपत दिसंबर में सात प्रतिशत बढ़कर 138.39 अरब यूनिट पर
नयी दिल्ली, एक जनवरी (भाषा) उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के कारण हीटर और गीजर जैसे उपकरणों के इस्तेमाल में बढ़ोतरी से दिसंबर में बिजली की खपत लगभग सात प्रतिशत बढ़कर 138.39 अरब यूनिट हो गई। एक साल पहले इसी अवधि में यह 129.39 अरब यूनिट थी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर के दौरान पूरी की गई अधिकतम बिजली मांग या अधिकतम आपूर्ति भी बढ़कर 241.20 गीगावाट हो गई, जबकि दिसंबर 2024 में यह 224.23 गीगावाट थी।
बिजली की अधिकतम मांग मई 2024 में अब तक के उच्चतम स्तर लगभग 250 गीगावाट तक पहुंच गई थी। इससे पहले सितंबर 2023 में अधिकतम मांग का पिछला रिकॉर्ड 243.27 गीगावाट दर्ज किया गया था।
हालांकि, इस गर्मी (अप्रैल के बाद) में अधिकतम बिजली मांग जून में रिकॉर्ड 242.77 गीगावाट रही।
सरकारी अनुमान के अनुसार, 2025 की गर्मियों में अधिकतम बिजली मांग 277 गीगावाट तक रहने की संभावना थी।
विशेषज्ञों ने कहा कि दिसंबर में ठंड बढ़ने के साथ हीटर, गीजर और ब्लोअर जैसे उपकरणों के उपयोग में वृद्धि हुई है। इससे देश के विभिन्न हिस्सों, खासकर उत्तर भारत में बिजली की मांग और खपत दोनों बढ़ीं।
उनका कहना है कि जनवरी में सर्दी और बढ़ने के साथ बिजली की खपत और मांग मजबूत बनी रह सकती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, तीन जनवरी से दिल्ली में शीत लहर की स्थिति बन सकती है, क्योंकि न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर सकता है और हिमालयी क्षेत्र से ठंडी उत्तरी हवाओं के राजधानी की ओर बढ़ने की आशंका है।
विभाग ने बताया कि बुधवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 6.2 डिग्री कम और इस मौसम का सबसे निचला स्तर है, जबकि न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से करीब 0.4 डिग्री कम है।
भाषा योगेश रमण
रमण

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