इमामी एग्रोटेक ने डिब्बाबंद स्नैक बाजार में उतरी, प. बंगाल में लगाएगी 400 करोड़ रुपये का नया संयंत्र

इमामी एग्रोटेक ने डिब्बाबंद स्नैक बाजार में उतरी, प. बंगाल में लगाएगी 400 करोड़ रुपये का नया संयंत्र

इमामी एग्रोटेक ने डिब्बाबंद स्नैक बाजार में उतरी, प. बंगाल में लगाएगी 400 करोड़ रुपये का नया संयंत्र
Modified Date: August 6, 2026 / 07:58 pm IST
Published Date: August 6, 2026 7:58 pm IST

कोलकाता, छह अगस्त (भाषा) इमामी समूह की खाद्य कारोबार इकाई इमामी एग्रोटेक लि. ने बृहस्पतिवार को देश के 50,000 करोड़ रुपये के डिब्बाबंद स्नैक बाजार में कदम रखा। कंपनी ने पश्चिम बंगाल में 400 करोड़ रुपये के निवेश से नई खाद्य विनिर्माण इकाई लगाने की योजना की घोषणा की।

इमामी समूह की निदेशक विदुला अग्रवाल ने कहा कि कंपनी अगले पांच से सात साल में इस कारोबार को 1,000 करोड़ रुपये के ब्रांड के रूप में विकसित करने के लिए अतिरिक्त 350 करोड़ रुपये का निवेश भी करेगी।

समूह के निदेशक आदित्य अग्रवाल की पुत्री विदुला तीसरी पीढ़ी की प्रर्वतक हैं। वह स्नैक कारोबार की अगुवाई कर रही हैं।

इमामी एग्रोटेक, सूचीबद्ध कंपनी इमामी लिमिटेड से अलग इकाई है।

कंपनी का उद्देश्य अपने पारंपरिक खाद्य तेल कारोबार से आगे बढ़कर एक व्यापक खाद्य कंपनी बनना है। उसका मानना है कि अधिक लाभ मार्जिन वाला स्नैक कारोबार कंपनी के लाभ और मूल्यांकन में सुधार करेगा।

इमामी समूह के निदेशक आदित्य अग्रवाल ने कहा कि प्रस्तावित संयंत्र में खाद्यान्न (स्टेपल्स) और स्नैक दोनों का उत्पादन होगा। यह हल्दिया के बाद पश्चिम बंगाल में कंपनी की दूसरी विनिर्माण इकाई होगी। कंपनी इसके लिए उपयुक्त स्थान की तलाश कर रही है और अगले 24 महीनों में परियोजना पूरी करने की योजना है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम पश्चिम बंगाल में करीब 400 करोड़ रुपये के निवेश से नया संयंत्र लगाने की योजना बना रहे हैं। स्थान अभी तय नहीं हुआ है और लगभग 24 महीनों में संयंत्र चालू करने का लक्ष्य है। यहां खाद्यान्न और स्नैक दोनों का उत्पादन होगा।’’

फिलहाल कंपनी अपने स्नैक उत्पादों का विनिर्माण बाहरी इकाइयों से कराती है, लेकिन प्रस्तावित संयंत्र के शुरू होने के बाद उत्पादन बढ़ने के साथ इसे चरणबद्ध तरीके से अपनी इकाई में स्थानांतरित किया जाएगा।

विविधीकरण की रणनीति पर अग्रवाल ने कहा कि खाद्य तेल कारोबार में लाभ मार्जिन केवल दो से चार प्रतिशत होता है, जबकि मूल्यवर्धित खाद्य श्रेणियों में कहीं अधिक लाभ मिलता है।

उन्होंने कहा, ‘‘खाद्यान्न और मसालों जैसी रसोई श्रेणियों में 6 से 15 प्रतिशत तक का मार्जिन मिलता है, जबकि स्नैक कारोबार में 15 से 25 प्रतिशत तक का मार्जिन संभव है। जैसे-जैसे हमारा खाद्य पोर्टफोलियो बढ़ेगा, कारोबार का कुल लाभ मार्जिन भी बेहतर होगा।’’

अग्रवाल ने कहा कि इस विविधीकरण से निवेशकों के बीच कंपनी की छवि भी मजबूत होगी।

भाषा रमण अजय

अजय


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