मप्र में काबुली चने के प्रसंस्करण से जुड़े प्रतिष्ठानों को मिलेगा उद्योग का दर्जा: मुख्यमंत्री

मप्र में काबुली चने के प्रसंस्करण से जुड़े प्रतिष्ठानों को मिलेगा उद्योग का दर्जा: मुख्यमंत्री

मप्र में काबुली चने के प्रसंस्करण से जुड़े प्रतिष्ठानों को मिलेगा उद्योग का दर्जा: मुख्यमंत्री
Modified Date: February 22, 2026 / 09:15 pm IST
Published Date: February 22, 2026 9:15 pm IST

इंदौर, 22 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की कि राज्य में काबुली चना का प्रसंस्करण करने वाले प्रतिष्ठानों को उद्योग का दर्जा दिया जाएगा।

मध्यप्रदेश, देश में काबुली चने का सबसे बड़ा उत्पादक है।

मुख्यमंत्री यादव ने इंदौर में ‘वैश्विक काबुली चना सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा,‘‘हम राज्य में खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा दे रहे हैं। अगर काबुली चना कारोबारी इस कृषि जिंस का प्रसंस्करण करेंगे, तो मैं घोषणा करता हूं कि उनके प्रतिष्ठानों को उद्योग का दर्जा दिया जाएगा और उन्हें सरकारी नीतियों के मुताबिक तमाम लाभ भी प्रदान किए जाएंगे।’’

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कारोबारी सुगमता के लिए 25 नीतियां लागू की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘खासकर उन खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बड़े अनुदान दिए जा रहे हैं जो कई लोगों को रोजगार देते हैं। अगर इस क्षेत्र में निवेश के अच्छे प्रस्ताव हमारे पास आते हैं, तो हम अपनी नीतियों में ढील देते हुए उद्यमियों को प्रोत्साहित करेंगे।’’

काबुली चना ट्रेडर्स एसोसिएशन के सचिव राजुल सारडा ने बताया कि देश में काबुली चना के उत्पादन में मध्यप्रदेश की हिस्सदेारी करीब 50 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा,‘‘राज्य में काबुली चना कारोबारियों के प्रतिष्ठानों को उद्योग का दर्जा दिया जाना चाहिए ताकि हम देश को दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान बढ़ा सकें। सरकार को काबुली चने की उन्नत किस्मों के अनुसंधान और इन्हें किसानों तक पहुंचाने पर खास जोर भी देना चाहिए।’’

इससे पहले, मुख्यमंत्री यादव ‘पीथमपुर इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव’ में शामिल हुए और पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी की किताब ‘पीथमपुर : सिफर से शिखर तक’ का विमोचन किया।

उन्होंने इस मौके पर कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपनी अलग-अलग परियोजनाओं के जरिये परिवहन तंत्र और बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है।

मुख्यमंत्री ने पीथमपुर के उद्योगपतियों से आह्वान किया कि वे पूरे मध्यप्रदेश के विकास में योगदान करने के लिए राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी निवेश करें और इसके लिए राज्य सरकार उनकी हरसंभव मदद करेगी।

इंदौर से करीब 30 किलोमीटर दूर पीथमपुर, राज्य का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है। इस औद्योगिक क्षेत्र में करीब 1,250 इकाइयां हैं जहां हजारों श्रमिक काम करते हैं। इनमें देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिक भी शामिल हैं।

भाषा हर्ष धीरज

धीरज

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