भारत के लिए एस्टोनिया बन सकता है उत्तरी यूरोपीय बाजारों का प्रवेश द्वारः भारतीय राजदूत
भारत के लिए एस्टोनिया बन सकता है उत्तरी यूरोपीय बाजारों का प्रवेश द्वारः भारतीय राजदूत
(आसिम कमाल)
ताल्लिन्न, 23 मई (भाषा) एस्टोनिया में भारत के राजदूत आशीष सिन्हा ने कहा है कि यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ एक बार मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) लागू हो जाने के बाद यह देश भारत के लिए उत्तरी यूरोप के बाजारों का प्रवेशद्वार बन सकता है।
सिन्हा ने यहां पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि भारत और एस्टोनिया के द्विपक्षीय संबंध लगातार सकारात्मक दिशा में बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और एस्टोनिया के बीच मौजूदा व्यापार का मजबूत आधार है, जिसका उपयोग भारत-ईयू एफटीए लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाने के लिए किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा, “भविष्य में भारत-ईयू एफटीए लागू होने के बाद छोटे एवं मझोले उद्योगों के बीच कहीं अधिक जुड़ाव होगा और एस्टोनिया के डेयरी एवं कृषि उत्पादों को भारत में बाजार मिलेगा। भारत के लिए एस्टोनिया उत्तरी यूरोप का प्रवेशद्वार होगा।”
सिन्हा ने एस्टोनिया की ई-रेजिडेंसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि कई भारतीय कारोबारी और उच्च मूल्य के उद्योगपति इस कार्यक्रम से जुड़ चुके हैं और करीब 5,000 भारतीय इस पहल का हिस्सा हैं।
ई-रेजिडेंसी एस्टोनिया सरकार की एक डिजिटल पहल है, जिसके तहत कोई भी विदेशी व्यक्ति ऑनलाइन तरीके से एस्टोनिया की डिजिटल पहचान हासिल कर सकता है।
उन्होंने कहा, “करीब 1,000 से अधिक भारतीयों ने एस्टोनिया के ई-रेजिडेंसी कार्यक्रम के तहत अपनी कंपनियां पंजीकृत कराई हैं।”
सिन्हा ने बताया कि नयी और उभरती प्रौद्योगिकियां व्यापार का प्रमुख हिस्सा बनने जा रही हैं।
उन्होंने कहा, “डिजिटल प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित तकनीक और सॉफ्टवेयर सेवा जैसे क्षेत्रों में काफी संभावनाएं हैं। एस्टोनिया और भारत दोनों ही इस क्षेत्र में अग्रणी हैं।”
भाषा यासिर प्रेम
प्रेम

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