मई में मजबूत बनी हुई है निर्यात वृद्धि की रफ्तार: गोयल
मई में मजबूत बनी हुई है निर्यात वृद्धि की रफ्तार: गोयल
नयी दिल्ली, 23 मई (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि मई के पहले तीन सप्ताह के दौरान देश के निर्यात में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है।
गोयल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर उथल-पुथल के माहौल के बावजूद भारत निर्यात और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में बेहतर वृद्धि दर्ज करते हुए लगातार वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
गोयल ने यहां संवाददाताओं से कहा, “मैंने पिछले तीन सप्ताह के निर्यात आंकड़े देखे हैं। अप्रैल में जो वृद्धि दर देखने को मिली थी, वह मई में भी जारी है। हमने अनेक प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद मजबूती दिखाई है।”
अप्रैल में देश का निर्यात 13.78 प्रतिशत बढ़कर 43.56 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो चार वर्ष से अधिक समय में मासिक आधार पर सबसे ऊंचा स्तर है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में हुई बढ़ोतरी इसका प्रमुख कारण रही।
हालांकि, आयात बढ़ने से देश का व्यापार घाटा तीन महीने के उच्च स्तर 28.38 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
गोयल ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में एफडीआई बढ़कर रिकॉर्ड 95 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 17 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक निवेशकों के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य बना हुआ है, इसलिए आने वाले वर्षों में भी यह वृद्धि जारी रहने की संभावना है।
गोयल ने कहा, “सरकार ने लागत का बड़ा बोझ खुद उठाया है, खासकर उर्वरकों की बढ़ी कीमतों के मामले में किसानों पर इसका भार नहीं डाला गया और पूरा खर्च केंद्र सरकार ने वहन किया है।”
वाणिज्य मंत्रालय मई महीने के निर्यात-आयात के आधिकारिक आंकड़े 15 जून को जारी करेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए लगातार नई पहल भी कर रही है। इसके साथ सरकार कुछ क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि सरकार घरेलू विनिर्माण, औद्योगीकरण तथा देश में घरेलू एवं विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए पहले ही कई कदम उठा चुकी है।
गोयल ने कहा, “हम आत्मनिर्भरता बढ़ाने से जुड़ी चुनौतियों का लगातार समाधान कर रहे हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां हमारी आपूर्ति शृंखला कुछ विशेष भौगोलिक क्षेत्रों पर अत्यधिक निर्भर है। बजट में घोषित प्रावधानों के अनुरूप कुछ क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रस्तावों पर काम किया जा रहा है।”
भाषा योगेश प्रेम
प्रेम

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